मार्कण्डेय कृत लघु दुर्गा सप्तशती
मार्कण्डेय कृत लघु दुर्गा सप्तशती पाठ माँ श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया जाता है। जिससे अत्यंत फलदायी परिणाम मिलते हैं। (परंतु आज व्यस्तता के समय में श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ सभी भक्तजन नहीं कर पाते हैं, क्यूंकी इसके पाठ में पर्याप्त समय लगता है, इसमें कुल 13 अध्याय हैं। इसलिए इसकी जगह पर मार्कण्डेय मुनि के द्वारा रचित लघु दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से भी समान फल प्राप्त होता है। क्यूंकी लघु दुर्गा सप्तशती में बीज मंत्र समाहित है। इसलिए समय के अभाव में लघु दुर्गा सप्तशती का पाठ कर सकते हैं।) ------माँ दुर्गा के सामने गाय के घी का दीपक प्रज्वलित करके और धूपबत्ती करके प्रतिदिन नौ पाठ करने चाहिए। इसके पाठ से सभी कामनाये सिद्ध हो सकती है, इसके पाठ से शत्रु बाधा शांत होती है, इसके पाठ से नवग्रह बाध्ये शांत हो जाती है, यह पाठ बीजमंत्रों से भरपूर है इसके पाठ से माँ दुर्गा की सम्पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।------- इस स्तोत्र को पढ़ने से पहले हो सके तो तंत्रोक्त दुर्गाकवच, सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करे और बाद में इस लघु गुप्त सप्तशती का पाठ करे। इसका कोई विनि...