अनुराधा नक्षत्र सम्पूर्ण विवेचन एवं गृह स्थित फल
अनुराधा नक्षत्र सम्पूर्ण विवेचन एवं गृह स्थित फल राशि चक्र मे 213 । 20 से 226 । 40 अंश विस्तार का क्षेत्र अनुराधा नक्षत्र कहलाता है। अरब मंजिल मे इसे इकलिल अल जभाह अर्थात ताज , ग्रीक मे स्कारर्पी चीन सियु मे फेंग कहते है। देवता मित्र , स्वामी ग्रह शनि , राशि वृश्चिक 03 । 20 से 16 । 40 अंश। भारतीय खगोल मे यह 17 वा मृदु संज्ञक नक्षत्र है। इसके चार तारे है। ये इस तरह अवस्थित है मानो लड़ी मे जड़ी चार मणिया हो। शाक्य के अनुसार अनुराधा के तीन तारे है परन्तु अन्य धारणाए संयोजन तारे को मिलाकर चार तारे मानते है जो कमल या छतरी के सदृश्य है। इसका चिन्ह कमल है। यह सम्बन्ध , सम्मान , लेने-देने का नक्षत्र है। अनुराधा का अर्थ है राधा और राधा या एक के बाद एक राधा अर्थात लगातार सफलता। जिस प्रकार पूर्वा और उत्तरा फाल्गुनी युगल है उसी प्रकार विशाखा और अनुराधा युगल नक्षत्र है। यह शुभ , सात्विक , पुरुष नक्षत्र है। इसकी जाति शूद्र , योनि मृग , योनि वैर श्वान , देव गण , नाड़ी आदि है। यह दक्षिण दिशा का स्वामी है। अनुराधा नक्षत्र-अनुराधा नक्षत्र भचक्र के...