ग्रह दोष के पूर्व संकेत

 गृह दोष के पूर्व संकेत उपाय 

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ग्रह अपना शुभाशुभ प्रभाव गोचर एवं दशा-अन्तर्दशा-प्रत्यन्तर्दशा में देते हैं।जिस ग्रह की दशा के प्रभाव में हम होते हैं, उसकी स्थिति के अनुसार शुभाशुभ फल हमें मिलता है ।जब भी कोई ग्रह अपना शुभ या अशुभ फल प्रबल रुप में देने वाला होता है, तो वह कुछ संकेत पहले से ही देने लगता है । ऐसे ही कुछ पूर्व संकेतों का विवरण यहाँ दृष्टव्य है।

सूर्य के अशुभ होने के पूर्व संकेत

👉 सूर्य अशुभ फल देने वाला हो, तो घर में रोशनी देने वाली वस्तुएँ नष्ट होंगी या प्रकाश का स्रोत बंद होगा । जैसे जलते हुए बल्ब का फ्यूज होना, तांबे की वस्तु खोना ।

👉 किसी ऐसे स्थान पर स्थित रोशनदान का बन्द होना, जिससे सूर्योदय से दोपहर तक सूर्य का प्रकाश प्रवेश करता हो । ऐसे रोशनदान के बन्द होने के अनेक कारण हो सकते हैं । जैसे अनजाने में उसमें कोई सामान भर देना या किसी पक्षी के घोंसला बना लेने के कारण उसका बन्द हो जाना आदि ।

👉 सूर्य के कारकत्व से जुड़े विषयों के बारे में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है । सूर्य जन्म-कुण्डली में जिस भाव में होता है, उस भाव से जुड़े फलों की हानि करता है । यदि सूर्य पंचमेश, नवमेश हो तो पुत्र एवं पिता को कष्ट देता है । सूर्य लग्नेश हो,तो जातक को सिरदर्द, ज्वर एवं पित्त रोगों से पीड़ा मिलती है । मान-प्रतिष्ठा की हानि का सामना करना पड़ता है ।

👉 किसी अधिकारी वर्ग से तनाव, राज्य-पक्ष से परेशानी ।

👉 यदि न्यायालय में विवाद चल रहा हो, तो प्रतिकूल परिणाम ।

👉 शरीर के जोड़ों में अकड़न तथा दर्द ।

👉 किसी कारण से फसल का सूख जाना ।

👉 व्यक्ति के मुँह में अक्सर थूक आने लगता है तथा उसे बार-बार थूकना पड़ता है ।

👉 सिर किसी वस्तु से टकरा जाता है ।

👉 तेज धूप में चलना या खड़े रहना पड़ता है

चन्द्र के अशुभ होने के पूर्व संकेत

👉 जातक की कोई चाँदी की अंगुठी या अन्य आभूषण खो जाता है या जातक मोती पहने हो, तो खो जाता है।

👉 जातक के पास एकदम सफेद तथा सुन्दर वस्त्र हो वह अचानक फट जाता है या खो जाता है या उस पर कोई गहरा धब्बा लगने से उसकी शोभा चली जाती है।

👉 व्यक्ति के घर में पानी की टंकी लीक होने लगती है या नल आदि जल स्रोत के खराब होने पर वहाँ से पानी व्यर्थ बहने लगता है । पानी का घड़ा अचानक टूट जाता है ।

👉 घर में कहीं न कहीं व्यर्थ जल एकत्रित हो जाता है तथा दुर्गन्ध देने लगता है ।

उक्त संकेतों से निम्नलिखित विषयों में अशुभ फल दे सकते हैं ।

👉 माता को शारीरिक कष्ट हो सकता है या अन्य किसी प्रकार से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है ।

👉 नवजात कन्या संतान को किसी प्रकार से पीड़ा हो सकती है ।

👉 मानसिक रुप से जातक बहुत परेशानी का अनुभव करता है ।

👉 किसी महिला से वाद-विवाद हो सकता है ।

👉 जल से जुड़े रोग एवं कफ रोगों से पीड़ा हो सकती है । जैसे जलोदर, जुकाम, खाँसी, नजला, हेजा आदि ।

👉 प्रेम-प्रसंग में भावनात्मक आघात लगता है ।

👉 समाज में अपयश का सामना करना पड़ता है । मन में बहुत अशान्ति होती है ।

👉 घर का पालतु पशु मर सकता है ।

👉 घर में सफेद रंग वाली खाने-पीने की वस्तुओं की कमी हो जाती है या उनका नुकसान होता है । जैसेदूध का उफन जाना ।

👉 मानसिक रुप से असामान्य स्थिति हो जाती है

मंगल के अशुभ होने के पूर्व संकेत

  भूमि का कोई भाग या सम्पत्ति का कोई भाग टूट-फूट जाता है ।

👉 घर के किसी कोने में या स्थान में आग लग जाती है ।यह छोटे स्तर पर ही होती है ।

👉 किसी लाल रंग की वस्तु या अन्य किसी प्रकार से मंगल के कारकत्त्व वाली वस्तु खो जाती है या नष्ट हो जाती है।

👉 घर के किसी भाग का या ईंट का टूट जाना ।

👉 हवन की अग्नि का अचानक बन्द हो जाना ।

👉 अग्नि जलाने के अनेक प्रयास करने पर भी अग्नि का प्रज्वलित न होना या अचानक जलती हुई अग्नि का बन्द हो जाना ।

👉 वात-जन्य विकार अकारण ही शरीर में प्रकट होने लगना ।

👉 किसी प्रकार से छोटी-मोटी दुर्घटना हो सकती है ।

बुध के अशुभ होने के पूर्व संकेत

👉 व्यक्ति की विवेक शक्ति नष्ट हो जाती है अर्थात् वह अच्छे-बुरे का निर्णय करने में असमर्थ रहता है ।

👉 सूँघने की शक्ति कम हो जाती है ।

👉काम-भावना कम हो जाती है । त्वचा के संक्रमण रोग उत्पन्न होते हैं । पुस्तकें, परीक्षा ले कारण धन का अपव्यय होता है । शिक्षा में शिथिलता आती है ।

गुरु के अशुभ होने के पूर्व संकेत

👉 अच्छे कार्य के बाद भी अपयश मिलता है ।

👉 किसी भी प्रकार का आभूषण खो जाता है ।

👉 व्यक्ति के द्वारा पूज्य व्यक्ति या धार्मिक क्रियाओं का अनजाने में ही अपमान हो जाता है या कोई धर्म ग्रन्थ नष्ट होता है ।

👉 सिर के बाल कम होने लगते हैं अर्थात् व्यक्ति गंजा होने लगता है ।

👉 दिया हुआ वचन पूरा नहीं होता है तथा असत्य बोलना पड़ता है ।

शुक्र के अशुभ होने के पूर्व संकेत

👉 किसी प्रकार के त्वचा सम्बन्धी रोग जैसे दाद,खुजली आदि उत्पन्न होते हैं ।

👉 स्वप्नदोष, धातुक्षीणता आदि रोग प्रकट होने लगते हैं ।

👉 कामुक विचार हो जाते हैं ।

👉 किसी महिला से विवाद होता है ।

👉 हाथ या पैर का अंगुठा सुन्न या निष्क्रिय होने लगता है ।

शनि के अशुभ होने के पूर्व संकेत

👉 दिन में नींद सताने लगती है ।

👉 अकस्मात् ही किसी अपाहिज या अत्यन्त निर्धन और गन्दे व्यक्ति से वाद-विवाद हो जाता है ।

👉 मकान का कोई हिस्सा गिर जाता है ।

👉 लोहे से चोट आदि का आघात लगता है ।

👉 पालतू काला जानवर जैसे- काला कुत्ता, काली गाय, काली भैंस, काली बकरी या काला मुर्गा आदि मर जाता है ।

👉 निम्न-स्तरीय कार्य करने वाले व्यक्ति से झगड़ा या तनाव होता है ।

👉 व्यक्ति के हाथ से तेल फैल जाता है ।

👉 व्यक्ति के दाढ़ी-मूँछ एवं बाल बड़े हो जाते हैं ।

👉 कपड़ों पर कोई गन्दा पदार्थ गिरता है या धब्बा लगता है या साफ-सुथरे कपड़े पहनने की जगह गन्दे वस्त्र पहनने की स्थिति बनती है ।

👉 अँधेरे, गन्दे एवं घुटन भरी जगह में जाने का अवसर मिलता है ।

राहु के अशुभ होने के पूर्व संकेत

👉 मरा हुआ सर्प या छिपकली दिखाई देती है ।

👉 धुएँ में जाने या उससे गुजरने का अवसर मिलता है या व्यक्ति के पास ऐसे अनेक लोग एकत्रित हो जाते हैं, जो कि निरन्तर धूम्रपान करते हैं ।

👉 किसी नदी या पवित्र कुण्ड के समीप जाकर भी व्यक्ति स्नान नहीं करता ।

👉 पाला हुआ जानवर खो जाता है या मर जाता है ।

👉 याददाश्त कमजोर होने लगती है ।

👉 अकारण ही अनेक व्यक्ति आपके विरोध में खड़े होने लगते हैं ।

👉 हाथ के नाखुन विकृत होने लगते हैं ।

👉 मरे हुए पक्षी देखने को मिलते हैं ।

👉 बँधी हुई रस्सी टूट जाती है । मार्ग भटकने की स्थिति भी सामने आती है । व्यक्ति से कोई आवश्यक चीज खो जाती है ।

केतु के अशुभ होने के पूर्व संकेत

👉 मुँह से अनायास ही अपशब्द निकल जाते हैं ।

👉 कोई मरणासन्न या पागल कुत्ता दिखायी देता है।

👉 घर में आकर कोई पक्षी प्राण-त्याग देता है ।

👉 अचानक अच्छी या बुरी खबरें सुनने को मिलती है ।

👉 हड्डियों से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है ।

👉 पैर का नाखून टूटता या खराब होने लगता है ।

👉 किसी स्थान पर गिरने एवं फिसलने की स्थिति बनती है ।

  भ्रम होने के कारण व्यक्ति से हास्यास्पद गलतियाँ होती।

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ज्योतिष में गृह दोष लक्षण और उपाय

ज्योतिष  मानें तो हर कोई किसी न किसी ग्रह दोष से ग्रस्त रहता है. कई बार उसे पता नहीं चलता कि किस वजह से उसकी जिंदगी में तूफान थमने का नाम नहीं ले रही. किस वजह से जीना मुहाल हो रहा है तो क्या हैं नवग्रह दोष के लक्षण और उससे निजात पाने के उपाय.

अगर बिना बात घर में कलह क्लेश हो, हर काम बनते-बनते बिगड़ जाते हैं, शत्रु अकारण परेशान कर रहे हों , सेहत नहीं दे रही साथ, मान सम्मान का हो रहा हो नाश, बच्चे की बुद्धि का नहीं हो रहा विकास तो आप नवग्रह दोषों से ग्रस्त हैं. फिर तो आप जान लीजिए वो 9 उपाय जो खत्म करेगा 9 ग्रहों के दोष. ज्योतिषाचार्य राजकुमार शास्त्री ने हर ग्रह के बारे में विस्तार से बताया है.

1. सूर्य दोष के लक्षण:

असाध्य रोगों के कारण परेशानी

सिरदर्द, बुखार, नेत्र संबंधी कष्ट

सरकार के कर विभाग से परेशानी, नौकरी में बाधा

उपाय:

भगवान विष्णु की आराधना करें

ऊं नमो भगवते नारायणाय मंत्र का 1 माला लाल चंदन की माला से जाप करें

गुड़ खाकर पानी पीकर कार्य आरंभ करें

बहते जल में 250 ग्राम गुड़ प्रवाहित करें

सवा पांच रत्ती का माणिक तांबे की अंगूठी में बनवायें

रविवार को सूर्योंदय के समय दाएं हाथ की मध्यमा अंगूली में धारण करें

मकान के दक्षिण दिशा के कमरे में अंधेरा रखें

पशु-पक्षियों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करें

घर में मां, दादी का आशीर्वाद जरूर लें

चंद्रमा दोष के लक्षण:

जुखाम, पेट की बीमारियों से परेशानी

घर में असमय पशुओं की मत्यु की आशंका

अकारण शत्रुओं का बढ़ना, धन का हानि

उपाय:

भगवान शिव की आराधना करें

ऊं नम शिवाय मंत्र का   की माला से 11 माला जाप करें

बड़े बुजुर्गों, ब्रह्मणों, गुरूओं का आशीर्वाद लें

सोमवार को सफेद कपड़े में मिश्री बांधकर जल में प्रवाहित करें

चांदी की अंगूठी में चार रत्ती का मोती सोमवार को जाएं हाथ अनामिका में धारण करें

शीशे की गिलास में दूध, पानी पीने से परेहज करें

28 वर्ष के बाद विवाह का निर्णय लें

लाल रंग का रूमाल हमेशा जेब में रखें

माता-पिता की सेवा से विशेष लाभ

मंगल दोष के लक्षण:

घर में चोरी होने का डर

घर-परिवार में लड़ाई-झगड़े की आशंका

भाई के साथ संबंधों में अनबन

दांपत्य जीवन में तनाव, अकाल मृत्यु की आशंका

उपाय:

भगवान हनुमान की आराधना करें

ऊं हं हनुमते रूद्रात्मकाय हुं फट कपिभ्यो नम: का 1 माला जाप करें

हनुमान चालीसा या बजरंगबाण का रोज पाठ करें

त्रिधातु की अंगुठी बाएं हाथ की अनामिका अंगूली में धारण करें

400 ग्राम चावल दूध से धोकर 14 दिन तक पिवत्र जल में प्रवाहित करें

घर में नीम का पौधा लगायें

बहन, बेटी, मौसी, बुआ, साली को मीठा खिलायें

बहन, बुआ को कपड़े भेंट न दें

तंदूर की बनी रोटी कुत्तों को खिलायें

बुध दोष के लक्षण:

स्वभाव में चिड़चिड़ापन

जुए-सट्टे के कारण धन की बड़ी हानि

दांत से जुड़े रोगों के कारण परेशानी

सिर दर्द के कारण अधिक तनाव की स्थिति

उपाय:

मां दुर्गा की आराधना करें

ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे मंत्र का 5 माला जाप करें

देवी के सामने अखंड घी का दीया जलायें

घर की पूर्व दिशा में लाल झंडा लगायें

सोने के आभूषण धारण करें, हरे रंग से परहेज करें

खाली बर्तनों को ढ़ककर न रखें

चौड़े पत्ते वाले पौधे घर में लगायें, मुख्य द्वार पंचपल्लव का तोरण लगायें

100 ग्रíम चावल, चने की दाल बहते जल में प्रवाहित करें

गुरू दोष के लक्षण:

सोने की हानि, चोरी की आशंका

उच्च शिक्षा की राह में बाधाएं

झूठे आरोप के कारण मान-सम्मान में कमी

पिता को हानि होने की आशंका

उपाय:

परमपिता ब्रह्मा की आराधना करें

बहते पानी में बादाम, तेल, नारियल प्रवाहित करें

माथे पर केसर का तिलक लगायें

सोने की अंगूठी में सवा पांच रत्ती का पुखराज गुरूवार को दाएं हाथ की तर्जनी अंगुली में धारण करें

पूजा स्थल की नियमित रूप से सफाई करें

पीपल के पेड़ पर 7 बार पीला धागा लेपटकर जल दें

600 ग्राम पीले चने मंदिर में दान दें

जुए-सट्टे की लत न पालें, मांसाहार-मद्यपान से परहेज करें

कारोबार में भाई का साथ लाभकारी संबंध मधुर बनायें रखें

शुक्र दोष के लक्षण:

बिना किसी बीमारी के अंगूठे, त्वचा संबंधी रोगों से परेशानी

राजनीति के क्षेत्र में हानि, प्रेम व दापंत्य संबंधों में अलगाव

जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर तनाव

उपाय:

मां लक्ष्मी की आराधना करें

ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसिद प्रसिद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम

रोज रात में मंत्र का 1 माला जाप करें

मां लक्ष्मी को कमल के पुष्पों की माला चढ़ायें

मंदिर में आरती पूजा के लिए गाय का घी दान करें

2 किलो आलू में हल्दी या केसर लगाकर गाय को खिलायें

चांदी या मिटटी के बर्तन में शहद भरकर घर की छत पर दबा दें

आडू की गुटली में सूरमा भरकर घास वाले स्थान पर दबा दें

शुक्रवार के दिन मंदिर में कांसे के बर्तन का दान करें

लाल रंग के गाय की सेवा करें, 800 ग्राम जिमीकंद मंदिर में दान करें

शनि दोष के लक्षण:

पैतृक संपत्ति की हानि, हमेशा बीमारी से परेशानी

मुकदमे के कारण परेशानी

बनते हुए काम का बिगड़ जाना

उपाय:

भगवान भैरव की आराधना करें

ऊं प्रां प्रीं प्रौं शं शनिश्चराय नम मंत्र का 1 माला जाप करें

शनिदेव का 1 किलो सरसों के तेल से अभिषेक करें

सिर पर काला तेल लगाने से परहेज करें

43 दिन तक लगातार शनि मंदिर में जाकर नीले पुष्प चढ़ायें

कौवे या सांप को दूध, चावल खिलायें

किसी बर्तन में तेल भरकर अपना चेहरा देखें, बर्तन को जमीन में दबा दें

शनिवार 800 ग्राम दूध, उड़द जल में प्रवाहित करें

जल में दूध मिलाकर लकड़ी या पत्थर पर बैठकर स्नान करें

घर की छत पर साफ-सफाई का ध्यान रखें

12 नेत्रहीन लोगों को भोजन करायें

राहु दोष के लक्षण:

मोटापेके कारण परेशानी

अचानक दुर्घटना, लड़ाई-झगड़े की आशंका

हर तरह के व्यापार में घाटा

उपाय:

मां सरस्वती की आराधना करें

ऊं ऐं सरस्वत्यै नम मंत्र का 1 माला जाप करें

तांबेके बर्तन में गुड़, गेहूं भरकर बहते जल में प्रवाहित करें

माता से संबंध मधुर रखें

400 ग्राम धनिया, बादाम जल में प्रवाहित करें

घर की दहलीज के नीचे चांदी का पत्ता लगायें

सीढ़ियों के नीचे रसोईघर का निर्माण न करवायें

रात में पत्नी के सिर के नीचे 5 मूली रखें, सुबह मंदिर में दान कर दें

मां सरस्वती के चरणों में लगातार 6 दिन तक नीले पुष्प की माला चढ़ायें

चांदी की गोली हमेशा जेब में रखें

लहसुन, प्याज, मसूर के सेवन से परहेज करें

केतु दोष के लक्षण:

बुरी संगत के कारण धन का हानि

जोड़ों के दर्द से परेशानी

संतान का भाग्योदय न होना, स्वास्थ्य के कारण तनाव

उपाय:

भगवान गणेश की आराधना करें

ऊं गं गणपतये नम मंत्र का 1 माला जाप करें

गणेश अथर्व शीर्ष का पाठ करें

कुंवारी कन्याओं का पूजन करें, पत्नी का अपमान न करें

घर के मुख्य द्वार पर दोनों तरफ तांबे की कील लगायें

पीले कपड़े में सोना, गेहूं बांधकर कुल पुरोहित को दान करें

दूध, चावल, मसूर की दाल का दान करें

बाएं हाथ की अंगुली में सोना पहनने से लाभ

43 दिन तक मंदिर में लगातार केला दान करें

काले व सफेद तिल बहते जल में प्रवाहित करें.

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