अंक शास्त्र काकिनी गणना

अंक शास्त्र काकिनी गणना 

हम अक्सर इस असमंजस में रहते है की किस व्यक्ति, देश, राज्य, शहर,गांव  वस्तु इत्यादि से लेनिया है या देनिया
है 
या 
किसी दूसरे शहर में काम करने  का सोच रहे है  तो कितना फल दायक है या फायदा है 
या
अमुख स या व्यक्ति में से कोन कितना फायदे में रहेगा इत्यादि 
उसके लिए प्रस्तुत है काकिनी गणना 

उसके लिए हम 8 वर्ग बना लेते है जो इस प्रकार है 
1.अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ अं(गरुड़)
२ . क ख ग घ ड़  (मार्जर)
3. च छ ज झ ञ (सिंह)
4. ट ठ ड ढ ण. (स्वान)
5. त थ द ध न (सर्प)
6. प फ ब भ म (मूषक)
7.य र ल व (मृग)
8.श ष स ह त्र ज्ञ(मेढ़ा)

नियम: 
हर वर्ग अपने से 5 वे वर्ग का शत्रु है 

समझने  के लिए उदाहरण

मान लीजिये की पंकज को अहमदाबाद में जाकर रहना है बसना है या रोज़गार  बाबत काम करना है वो जगह उसके लिए शुभ सफल और फायदेमंद  लाभदायक सिद्ध होगी की नहीं 

तो इसकेलिए 

Step:1
जाने वाले के नाम का पहला अक्षर 
,यहाँ (प)
और जगह शहर जहा जानाै  का पहला अक्षर, यहाँ (अ)

Step२ :
अब (प)  किस वर्ग संख्या के अंदर आता  है देखे , यहाँ (6) को 2  से गुणा करे यानि 
6x2 =12 (गुणनफल1)
अब इस गुणनफल में जगह के की वर्ग संख्या को जोड़े , यहाँ (1) को जोड़े 
12 +1=13 (जोड़फल1) 
अब इस (जोड़फल) में 8 का भाग दे शेष जो बचे वो काकिनी संख्या 
13÷8 शेष बचा 5(काकिनी संख्या 1 )

Step3:
अब इसी प्रणाली को प्रयोग करके 
 जगह शहर का पहला अक्षर और जाने वाले का पहले अक्षर की अदला बदली  करे, यहाँ देखे 
(अ) वर्गांक (1)
1x2 = 2 (गुणनफल2 )
2+6= 8 (जोड़फल 2)
8÷8 शेष बचा 0(काकिनी संख्या २ )

Step4:

अब दोनों काकिनी संख्याओं को तराजू में टोले यानि 
पंकज(काकिनी संख्या)= 8
अहमदाबाद (काकिनी सँख्या)=0

यहा केमिस्ट्री के  घनात्मक और ऋणात्मक आदान प्रदान का सिद्धांत लागू होता है, जैसे 

पंकज                            अहमदाबाद
k.no(8)          >                 k.no(0)
ऋणात्मक(-tive).    घनात्मक(+tive)

ज्यादा  अंकवाला काम अंक वाले को देता है तो पंकज को अहमदाबाद से कोई फायदा (लेनिया) उल्टा (देनिया)  है, जबकि अहमदाबाद को पंकज से (लेनिया)फायदा है l

इस प्रकार दो व्यक्ति ,वस्तु, स्थान, इत्यादि के बीच लेनिया और दैनीया gain &  loss   ज्ञात किया जा सकता है l

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