अंक प्रश्नोत्तरी-1

अंक - प्रश्नोत्तरी
योरोप के प्रसिद्ध ज्योतिर्विद मि० सेफेरियल ने अपनी
अंक ज्योतिष की पुस्तक THE KABALA OF NUMBERS में
अंकों से मूक प्रश्न बतलाने की रीति की चर्चा की है। सेफेरियल
का कहना है कि यह प्रश्नोत्तरी हिन्दू ज्योतिष शास्त्रानुसार बनायी
गई है। लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नही किया है कि यह ज्ञान कहां
से और किस पुस्तक से प्राप्त हुआ। हमने भी बहुत प्रयास किया।
पर यह ज्ञात नही हो सका कि किस संस्कृत ग्रन्थ से यह रीति
सेफरियल ने ली थी। लेकिन सेफरियल ने अपनी पुस्तक में
भारतीय शब्दों को मूल रूप में समावेशित किया है। जैसे- मोक्ष,
वेदांग, मन्त्र, ब्रह्म, यम, ऋषि, पुरोहित, आदि। इससे यह
प्रमाणित हो जाता है कि यह रीति किसी भारतीय ग्रन्थ से ही ली
गयी है। हमारे अनेक प्राचीन अमूल्य ग्रन्थ पराधीन काल में
विदेशियों के निरन्तर आक्रमणों से सदा के लिए काल कवलित हो
गए।
अंकों द्वारा मूक प्रश्न ज्ञान की यह रीति अत्यन्त सरल
है। इसका व्यवहारिक प्रयोग गत वर्षों में अनकों बार किया तो
प्रश्न का परिणाम सत्य पाया। अब आप के उपयोगार्थ इसकी
विस्तृत चर्चा यहां कर रहे हैं।
यह ध्यान रखें।
मूक प्रश्न के विचार में ज्योतिषी का अपना इष्ट अधिक
सहायक होता है। भारतीय ज्योतिष शास्त्रों का जो लक्षण कहा
गया है, उसके अनुसार सद्गुणों, सद्व्यवहार एवं चरित्र की शुद्धता
के साथ-साथ साधना से जो अन्तःप्रेरणा प्राप्त होती है उसी से
वह किसी सही निष्कर्ष पर पहुँचता है।
मूक प्रश्न से तात्पर्य यही है कि एक प्रकार से दूसरे के विचार को जान लेना । इसके लिए स्वयं की मानसिक एवं आत्मिक
शक्ति अत्यन्त प्रबल होनी चाहिए यह साधना और सद् व्यवहार
से ही आती है। जिन दैवज्ञों के पास अतीन्द्रिय ज्ञान विशेष रूप
से होता है वे ही मूक प्रश्न बताने में प्रवीण होते हैं।
मूक- प्रश्न तथा फल की सत्यता ज्योतिषी पर निर्भर
होती है क्योंकि एक अंक से अनेक विषय से संबंधित मूक प्रश्न
हो सकते हैं। इनमें से प्रश्नकर्त्ता का कौन सा प्रश्न हो सकता है?
इसका अनुमान प्रश्नकर्त्ता की स्थिति, देश काल एवं कुल सभी
परिस्थितियों को देखकर लगाना चाहिए और ऐसे में अन्तःप्रेरणा
हो जाए तो क्या कहना ?
एक कथा लोक प्रचलित है। एक बार एक राजा ने परीक्षा
की दृष्टि से दो ज्योतिषियों से पूछा- मेरी मुट्ठी में क्या है? एक
ज्योतिषी ने मन में प्रश्न विचारा ऐसी कोई वस्तु हो सकती है जो
गोल, धातु की बनी हुई और उसके बीच में छेद है ज्योतिषी के
विवेक ने सक्रियता नही दिखाई और अंगूठी न कहकर चक्की का
पाट कह दिया। जबकि दूसरे ज्योतिषी ने विचारा तो उसके विवेक
ने सक्रियता दिखाई तो उसने सोचा गोल धातु की बनी वस्तु
जिसके मध्य में छेद हो, अंगूठी ही हो सकती है क्योकि चक्की
का पाट तो मुट्ठी में आ ही नहीं सकता। फलतः उसने राजा
को अंगूठी बतलाई तो उसकी बात सत्य हुई और राजा ने उसे
ढेर से उपहार दिए।
अतः आप प्रश्न पर विचार करते समय उस समय की
परिस्थिति का सम्यक विश्लेषण करके ही फल कहें।
अंक - प्रश्नोत्तरी की रीति
• ज्योतिषी को चाहिए कि वह प्रश्नकर्त्ता से एक से नौ तक
के कोई भी नौ अंक लिखने को कहे। जब प्रश्नकर्त्ता लिख ले तो

( ४८ )
उन अंकों को जोड़कर उसमें तीन और जोड़ दें। इस प्रकार जो
अंक संख्या मिले, उसके अनुसार मूल प्रश्न और उसका फल कहना
चाहिए।
इस प्रश्नोत्तरी में अंक ३ से ८४ तक ही आता है, इसलिए
इस पद्धति में कुल ८४ प्रकार के प्रश्नोत्तर हैं।
उदाहरणतः मान लीजिए प्रश्नकर्ता ने निम्नलिखित नौ
संख्याएं लिखीं-
८ ५३२१४७८२ = 80
जोड़ा
योग
= ४३
अतः प्रश्नकर्त्ता का प्रश्नोत्तर अंक ४३ के अनुसार कहा
जायेगा ।
यहाँ अंक संख्या ३ से ८४ तक का प्रश्न और उसका
फल लिख रहे हैं।
यदि कोई सबसे छोटी संख्या शून्य नौ बार लिख दे तो-
००००००००० = 0
जोड़ा
= ३
योग
= ३
यदि कोई सबसे बड़ी संख्या ६ नौ बार लिख दे तो
६६६६६६६६६ = ८१
जोड़ा
=
= ८४
अतः छोटी संख्या ३ और बड़ी संख्या ८४ बनेगी । वस्तुतः
३ से ८४ अंक तक की प्रश्नोत्तरी यहाँ आपके उपयोगार्थ दे रहे हैं।
मूक प्रश्न ज्ञान फल सहित
यहाँ मूक प्रश्न और फल वर्णित है । इसमें हमने कई वर्षों
का अनुभव भी जोड़ दिया है। तो आईए देखें ३ से ८४ तक की

अंक संख्या का प्रश्न और फल क्या है ?
३- आप किसी रोग या क्रोध संबंधी व्यक्तिगत बात सोच रहे
फल- सामान्य रहेगा।
I
४- आप किसी पारिवारिक सदस्य या विष, प्रेमी या प्रियपात्र या
आनन्ददायक विषय या किसी मधुर स्मृति के संबंध में सोच रहे
फल भावना शुभ है तो फल शुभ होगा।
५- आपका प्रश्न दो व्यक्तियों की साझेदारी या लिन या विवाह
संबंधी है।
फल प्रश्न उत्तम है, कार्य बन जायेगा ।
६- आप किसी समाचार की प्रतीक्षा में हैं, हो सकता है भाई के
विषय में सोच रहे हों या यात्रा संबंधी विचार भी मन में हो सकता
है या किसी वाहन व डाक से आने वाली वस्तु के संबंध में सोच
रहे हैं।
फल - प्रश्न श्रेष्ठ है, बात बन जायेगी।
6-
आप जमीन जायदाद, समुद्र, जल, परिवर्तन या स्थान
परिवर्तन या दबी हुई वस्तु के संबंध में सोच रहे हैं ।
फल कार्य बन जायेगा ।
८- आप किसी प्राचीन वस्तु या मूल्यवान विदेशी वस्तु के
संबंध में सोच रहे हैं।
फल - जैसा सोच रहे हैं, वैसा होने की पूर्ण संभावना है।
६- आप कोई गलती, हानि, मृत्यु, या गलत इकरारनामा के
संबंध में सोच रहे हैं।
फल - जैसा सोच रहे हैं वैसा नहीं हो पायेगः ।
१०- आप के मन में किसी विवाद या कोई अनुचित कार्य हो जाने
की चिन्ता है।
फल प्रयास करने पर ही इस चिन्ता से मुक्त हो सकेंगे।


99- आप किसी संपति, उसके मूल्य या भूगर्भ संबंधी बात सोच
फल कार्य बनने की पूर्ण संभावना है।
१२ आप किसी उत्सव, जलसा, या मनोरंजक बात या आराम ।
संबंधी बात या अच्छे कपड़ों के संबंध में सोच रहे हैं।
फल प्रश्न उत्तम है, मन चाही बात बन जायेगी।
१३ सट्टे लाभ या धन संबंधी बात आप सोच रहे हैं।
फल सक्रिय हो जाएँ लाभ की पूर्ण संभावना है।
१४ - आप स्त्री संबंधी विषय, किसी समाचार की प्रतीक्षा या यात्रा
संबंधी बात सोच रहे हैं।
फल अनुकूल मिलेगा ।
१५ - आप दुःखद् समाचार, हानि, मृत्यु या किसी कष्ट के विषय
में सोच रहे हैं ।
फल फल प्रतिकूल होगा।
१६ आप पत्नी, लाभ शुभसमाचार या अच्छे इकरारनामे या
संबंध के विषय में सोच रहे है।
फल मनचाहा कार्य बन जायेगा ।
१७ - आप रोग, कष्ट या नौकर या किसी समीपस्थ या वस्तु
के संबंध में सोच रहे हैं।
फल - जैसा सोच रहे हैं, वैसा हो जायेगा।
PIE
१८ - आप परिवारिक, शुभयात्रा, शुभसमाचार, भाई, प्रेम, सोना
या हर्ष संबंधी बात के विषय में सोच रहे हैं।
फल - अनुकूल समय है, बात मनोनुकूल बनेगी।
एकान्तवास संबंधी है।
१६ - आपका प्रश्न शिशु, अस्पताल, रूकावटें, कारावास,
फल - सामान्य होगा।
२० - आप किसी यात्रा, पत्र, समाचार या पत्र व्यवहार या वस्तु
( ५१ )
लाने ले जाने या मार्ग संबंधी बात सोच रहे हैं।
मनोनुकूल कार्य बन जायेगा ।
फल
२१ - आप लाभ, सफेद, चांदी या किसी अन्य वस्तु के विषय में
सोच रहे हैं।
फल - प्रश्न उत्तम है, कार्य यथा समय हो जायेगा ।
२२ - आप किसी विवाह, आनेवाली बाधाओं, साझीदार पति या
पत्नी, किसी बीमार, शत्रु या प्रतियोगी या परिवार संबंधी किसी
बात के विषय में सोच रहे हैं ।
फल - समय प्रतिकूल है, कार्य बनने में सन्देह है।
२३ - आप सम्पन्नता, स्वास्थ्य, पदोन्नति, नौकर या आमोद-प्रमोद
के विषय में सोच रहे हैं।
फल - बात मन के अनुकूल बन जायेगी।
२४ - किसी अनिश्चयात्मक परिस्थिति, पारिवारिक कलह, नवीन
कार्यशुरू करने, संतान या गुप्त प्रेम के संबंध में सोच रहे हैं ।
फल - आप जैसा सोच रहे हैं, वह आसानी से पूरा नही हो सकेगा।
स्थिति सामान्य है, अतः प्रयास करना पड़ेगा । बात बन सकती
है, लेकिन सन्तुष्टि नहीं होगी।
२५ - आप स्वर्ण असीमित लाभ, चमकीली वस्तु या अर्थिक
सम्पन्नता के विषय में सोच रहे हैं।
फल - थोड़े प्रयास से ही काम बन जायेगा।
२६ - आप जायदायद, भूमि मकान, अधिकार या शान्ति के विषय
में सोच रहे हैं।
फल- आप जैसा सोच रहे हैं, वैसा हो सकेगा।
२७ - आप निकट संबंधी, भाई, पत्र या किसी के आने या गुप्त
विषय, छोटी यात्रा या किसी जगह के विषय में सोच रहे हैं।
फल - अनुकूल समय है, बात बनेगी।
२८ - आप कोई विचित्र कल्पना, सफेद, वस्तु, चांदी, कपड़ा या
( ५२ )
चांदनी रातों के संबंध में सोच रहे हैं।
फल- जैसा सोच रहे हैं, वह शुभ है।
२६ - आप स्वास्थ्य, निर्धनता, बाधाओं, दुघर्टना, रक्त संबंधी या
दंगे के विषय में सोच रहे हैं।
फल प्रयास करें या न करें, फल सामान्य ही होगा।
३० - आप बच्चों, आनन्द अनुभव, संयोग, दहेज, उत्तराधिकारी,
धनलाभ, या आमोद-प्रमोद के विषय में सोच रहे हैं।
फल अनुकूल समय है, यथानुरूप काम बनेगा।
३१ - आप दबी हुई वस्तु, विदेश, पशुकीट या मकान संबंधी बात
सोच रहे हैं।
फल - स्थिति सामान्य है, अत्यन्त भागदौड़ के बावजूद ही कार्य
बन पायेगा।
३२ - आप राजा, शासन, सोना, व्यक्तिगत कार्य, स्वर्ण या अपने
विषय में सोच रहे हैं।
फल - जैसा सोच रहे हैं वैसा हो सकता है।
३३ - आप शुभसमाचार, भाई, उन्नति, विशिष्ट उपलब्धि या
किसी सन्देश की प्रतीक्षा में हैं ।
फल- प्रश्न उत्तम है, फल अनुकूल होगा।
३४ - आप अन्नादि भोज्यपदार्थ, आर्थिक लाभ या किसी आवश्यक
वस्तु के संबंध में सोच रहे हैं।
फल - कार्य बनने की पूर्ण संभावना है।
३५
- आप किसी स्त्री, गुप्त योजना, जन्म संबंधी, व्यक्तिगत
समस्या या एकान्तवास संबंधी बात सोच रहे हैं।
फल - फल साधारण होगा जिससे सन्तुष्टि नही हो सकेगी।
३६ - आप सट्टा, व्यापार, हानि, रोगी बच्चा, परिवारिक कलह,
दुःखद समस्या या कष्ट संबंध में सोच हैं ।
फल - समय प्रतिकूल है। कार्य बनने में सन्देह है।
( ५३ )
३७- आप किसी ऐसे अनुबन्ध के विषय में जिसका परिणाम ठीक
न हो, विवाह संबंध, मकान, भूमि, अस्तबल या व्यक्तिगत चिन्ता
के संबंध में सोच रहे हैं।
फल
स्थिति सामान्य है, सन्तुष्टि नहीं होगी।
-
३८ आप बुखार, शारीरिक कष्ट, मलेरिया टाइफाइड दुःखद
समाचार, मृत्यु, जलाशय, बहिन के विषय में सोच रहे हैं।
फल- जो सोच रहे हैं, वो हो नहीं पायेगा। स्थिति साधारण है।
३६ - आप किसी कार्य, परीक्षा परिणाम, निष्कासन, गुप्त स्थान,
मन्दिर, राजभवन, महत्वपूर्ण स्थान, बाहर जाना या यात्रा के विषय
में सोच रहे हैं।
फल- प्रश्न उत्तम है, फल मनोनुकूल मिल सकेगा।
४० - आप बहुमूल्य वस्तु, अन्नादि का मूल्य, आभूषण, वस्त्र व
धन के विषय में सोच रहे हैं।
फल - अच्छी स्थिति है, कार्य मनोनुकूल हो सकेगा।
४१ - आप यश- अपयश, मान- अपमान, प्रतिष्ठा अपने वस्त्रों या
आहार संबंधी कोई बात सोच रहे हैं।
- जैसा सोच रहे हैं, वैसा हो नहीं पायेगा।
४२ - आप मित्र, स्त्री, उत्तराधिकारी की कृपा या जनसमूह या
समाज को लेकर चिन्तित हैं।
फल - स्थिति शुभ है, शुभफल ही होगा।
४३ - आप पुरानी इमारत, शमशान, बुजुर्ग, सम्पत्ति, खनिज वस्तु
या गुप्त चिन्ता को लेकर परेशान हैं।
फल - चिन्ता न करें, परेशान होने की जरूरत नहीं हैं।
४४ - आप भाई, स्वास्थ्य, आमोद-प्रमोद, शास्त्र,
आरामदायक वस्तु या पत्र के संबंध में सोच रहे हैं।
फल - जैसा सोच रहे हैं, वैसा हो नही पायेगा। प्रयासों के बाद कुछ
कर पायेंगे, पर सन्तुष्टि नहीं होगी।
शुभसमाचार,
( ५४ )
४५ -विवाह, धोखा, हानि-लाभ, या पक्षपात, समानता, असमानता
या कम मूल्य की वस्तु के संबंध में सोच रहे हैं।
फल -सामान्य स्थिति है, कुछ करने पर ही कुछ पा सकेंगे।
४६- मित्र, उच्चपदाधिकारी, बहुमूल्य वस्तु, स्वर्ण, आभूषण, रत्न
या उन्नति के संबंध में सोच रहे हैं।
फल -समय अनुकूल है, प्रयास करें, सफलता अवश्य मिलेगी।
४७ - न्याय, मुकदमें, आराम, शान्ति, सुख या व्यक्तिगत मामले
के विषय में सोच रहे हैं।
फल -फल साधारण ही रहेगा।
४८ - आप किसी गुप्त स्थान, कपडों, नौकर, स्त्री के स्वास्थ्य या
समाचार के विषय में सोच रहे हैं ।
फल - अनुकूल समय है, कार्य बन जायेगा ।
४६ - आप स्थानान्तरण, पद-परिवर्तन, विशिष्ट वस्तु, माता, स्त्री
या बहिन के स्वास्थ्य या उच्च पदस्थ स्त्री के विषय में सोच रहे
हैं।
फल - मनोनुकूल बात बन जायेगी।
५० - दुःखद् समाचार, कष्टदायक यात्रा, परिवारिक सदस्य को
लेकर चिन्तित है।
कल - प्रयास करने पर कार्य सामान्य रूप से बन सकेगा।
५१ - लाभ, आर्थिक सम्पन्नता, किसी शर्त, सट्टा,
प्रतिज्ञा या बच्चों के विषय में सोच रहे हैं।
लाटरी, रोजगार,
फल - मन मे अस्थिरता बनी रहेगी और कोशिश करने पर सामान्य
सफलता मिलेगी।
५२ - आप खोई हुई या छिपी हुई वस्तु, नौकर, लाल कपड़ा, गरम
भोजन, डाक्टर, वैद्य, सर्प, यमराज या अज्ञात परिणाम के विषय |
मे सोच रहे हैं।
फल - समय प्रतिकूल है । सतर्कता से सक्रिय बने रहें।
B
५३ - खोए हुए धन, सोना, उच्चपद, उच्चाधिकारी या मृतपशु के
संबंध में सोच रहे हैं।
फल प्रश्न सामान्य है, फल भी सामान्य रहेगा।
५४ - आप संक्रामक रोग, व्यक्तिगत उलझन, किसी स्त्री, प्रतिज्ञा,
सुरक्षा व्यवस्था, पत्नी, कन्या या बाधाओं के संबंध में सोच रहे
हैं।
फल प्रयास करते रहें परिणाम शुभ होगा।
५५ - आप मृत्यु, खोए हुए कागज या गलत जगह पहुँच सन्देश,
जनसमूह, मित्र, किसी नवयौवना या प्रेमिका के विषय में सोच
रहे हैं।
फल जैसा सोच रहे हैं, वैसा हो जायेगा।
-
५६- आप विदेश यात्रा, धार्मिक सम्मेलन, प्रकाशन कार्य जहाज
या भूत-प्रेत के विषय में सोच रहे हैं।
फल स्थिति सामान्य ही रहेगी।
५७ - वसीयत नामा, धनलाभ, मित्र या व्यक्ति या पेंशन, खजाने
या भंडार के विषय में सोच रहे हैं।
फल मनोनुकूल सफलता जल्दी पा जायेंगे।
-
५८ - आप न्यायधीश, गरू, पुरोहित, शास्त्र, वैर, ब्राह्मण, व्यक्तिगत
जायदाद, प्रभाव या धनलाभ के विषय में सोच रहे हैं।
फल- जैसे करेंगे, वैसा भरेंगे।
५६ - आप बहादुरी, उद्योग, घर में लगी आग, शिशु रोगी, अस्पताल
या शमशान घाट के संबंध में सोच रहे हैं।
फल- विपरीत भाग्य है, फल अनुकूल नहीं होगा।
६० - आप धार्मिक संस्कार, प्रकाशन कार्य, भूत-प्रेत, समाधि, काल
विषयक, पारसी व्यक्ति या राजा या विदेशी के संबंध में सोच रहे
फल- समय अनुकूल है। कार्य यथा प्रयास बन जायेगा।
( ५६ )
६१ - आप भोजन, खाद्य पर्दाथ, व्यापार, उत्तम वस्त्र, मित्र, बाजार,
नौकर, वैष्णव ब्राह्मण, विषयक प्रश्न या किसी अपरिचित के विषय
मे सोच रहे हैं।
फल - अनुकूल समय है। कार्य तो बनेगा।
६२ आप पिता, वायदे, कानूनी कार्यवाही, मुकदमे, लेख,
इकरारनामे, पद, जायदायद, अधिकार या व्यवस्था के विषय में
सोच रहे हैं ।
L
फल - कार्य को कर दो, फल की चिन्ता न करो।
६३ - मृत स्त्री, धनहानि, नष्ट सम्पति, कफन, स्त्री का धन, स्नान,
कपडे या दहेज विषयक कोई प्रश्न आपके मन में है।
फल - प्रतिकूल समय है। काफी भागदौड़ के बावजूद कार्य बन
सकेंगे
६४ - आप पद अपनी स्थिति, बुर्जुग, सौदे, वस्तु परिवर्तन लेन-
देन, व्यापार या समय की अवधि संबंधी प्रश्न सोच रहे हैं।
फल - कोशिश जारी रखें, सफलता मिलेगी।
६५ - आपका प्रश्न यात्रा संबंधी, मन्त्र विषयक, गुप्त बात या
परिवार संबंधी है।
फल - लाभ की सोच रहे हैं तो लाभ हो जायेगा। सक्रियता बनाए
रखें।
६६ - आप श्मशान, पर्वतीय स्थल, खनिज पदार्थ, वैद्य, मृतक, मित्र,
रेगिस्तान, रेत या डाक्टर के संबंध में सोच रहे हैं।
फल - अनेक बाधाओं, लापहरवाही व आलस्य के कारण असफलता
का मुख देखना पड़ेगा ।
६७- आप मृत राजा, खोए हुए धन, दहेज, करघनी, बीमार बच्चे
या बहनों के संबंध में सोच रहें हैं।
फल समय प्रतिकूल है, सतर्कता की आवश्यकता है।
६८
• आप बलिका, परिवार, विश्वासपात्र, पद या कार्य सुरक्षा
-
(५७)
प्रयास, जमानत या लेन-देन के बारे में सोच रहे हैं।
फल - मनोनुकूल बात बन जाएगी।
६६ - वस्त्र, नौका, जहाज, घरेलू उपयोग की वस्तुओं, व्यापार,
अध्यात्म या वेद संबंधी कोई प्रश्न आपके मन में है।
फल - सक्रियता के अनुसार ही कार्य बनेगा।
७० - आप पत्नी, समझौता, जनसभा, चन्द्रमा, कार्य की सफलता-
असफलता या सन्धि-पत्र के विषय में सोच रहे हैं।
फल - सफलता मिल जायेगी।
७१ - आप घड़ा, जलपात्र, पुराने परिचित, मित्र, जनसपंर्क या स्थान
विशेष के संबंध में सोच रहे हैं।
फल - समयानुरूप सक्रिय हो जाएँ, सफलता आपके कदम चूमने
को बेताब है।
७२ - आप विद्वान, धार्मिक कार्य, पंडित, धनी, मित्र, धन लाभ,
खडाऊँ या कोई ऐसी वस्तु या कार्य जो दो के योग से सम्पन्न
हो जैसे विवाह ।
फल - कार्य में सफलता मिलेगी।
७३ - आप यात्रा, स्थानान्तरण, गुस्सा, सम्मान, सन्देश,
उत्तराधिकार, लेख, पद, शासक या उच्चाधिकारी के संबंध में सोच
रहे हैं।
फल - प्रतिकूल समय है, सर्तकता अपेक्षित है।
७४ -किसी महत्त्वपूर्ण कार्य, ग्रह, सूर्य, शत्रु, गुस्सैल स्त्री, नेत्र,
शिकार, चमकीली वस्तु आदि के संबंध में सोच रहे हैं।
फल -बाधाएँ तो आयेंगी, परन्तु कार्य बन जायेगा ।
७५ - स्थायी सम्पति, मोक्ष, दिव्यस्थान, पशु गढ़ा धन या मनोहारी
स्थान के संबंध में सोच रहे हैं।
फल समय अनुकूल होते हुए भी कठिनताओं का सामना करना
-
पड़ेगा ।
( ५६ )
७६- आप सन्तान, विद्यालय, ब्रह्मचारी, नवविवाहिता, प्रेमिका या
परीक्षा के विषय में सोच रहे हैं।
फल मनोनुकूल सफलता मिल जायेगी।
७७- सफेद वस्त्र, सम्मान, जल, औषधि, सेविका पगड़ी या साफ
के विषय में सोच रहे हैं।
फल शुभ फल होना है।
७८- जेल, अस्पताल, दुःखद स्थिति संस्था, पूर्व संबंधों या बुजुर्ग
मित्र का विचार आपके मन में है।
फल - आपकी विवेक सम्मत बुद्धि से जैसा सोच रहे हैं। वैसा हो
जायेगा।
७६ उन्नति, सपन्नता, पद, शक्ति, जल, वकील, या शिक्षा
संबंधी आपका प्रश्न है।
फल समय अनुकूल है, समयानुरूप न्याय पा सकेंगे।
८० - आप हानि, अग्निभय, मृत्यु, अकाल, यात्रा, प्राकृतिक आपदा
या दूर स्थान आदि के बारे में सोच रहे हैं।
फल - प्रतिकूल समय है, सोच समझकर कार्य करें।
८१ - अच्छे कपड़े, स्वास्थ्य, पके हुए फल, फल की चिन्ता या
अमीर व्यक्ति के संबंध में आप सोच रहे हैं
फल- सफलता अवश्य मिलेगी।
८२ - मूल्यवान वस्त्र या उपहार, दहेज, हर्षप्रद समाचार,
लाभदायक यात्रा, बहिन, मृत्यु या सवारी के संबंध में सोच रहे
हैं ।
फल मनोनुकूल कार्य बन जायेगा।
८३ - लिखित समझौता, सम्पति, व्यापार, मार्ग, नव विवाहिता,
विवाह सगाई या ठेके के संबंध में सोच रहे हैं।
फल - जैसा सोच रहे हैं। वैसा हो जायेगा।
८४ - आप स्नानागार, जलाशय, कन्या, जनसभा, दुर्गा, छुट्टी, ( ५६ )
साफ वस्त्र, प्रिय या मित्र के विषय में सोच रहे हैं।
फल प्रश्न उत्तम है, फल शुभ होगा।
-
ऊपर ८४ अंकों के सांकेतिक प्रश्न और उसका फल दिया
गया है। सतत् अभ्यास और इष्ट साधना के फलस्वरूप इन मूक
प्रश्नों का स्वरूप व फल आसानी से बता सकेंगे। यहाँ हमने अपना
अनुभव भी जोड़ दिया है, जोकि आपके लिए उपयोगी साबित
होगा।
मान लीजिए प्रश्नकर्त्ता पूछता है कि मेरा स्थानान्तरण
हो जायेगा या नहीं। उसने जो नौ संख्या लिखी उसका अंक ७३
आया । ७३ अंक के फल में लिखा है की प्रतिकूल समय है सर्तक
रहें। अतः स्पष्ट है कि स्थानान्तरण नहीं हो पायेगा। सतर्क रहें
अन्यथा अहित हो जायेगा ।
इसी प्रकार आप अंक प्रश्नोत्तरी का व्यावहारिक प्रयोग
करके अपने मित्र या परिचितों की उलझनें सहज में सुलझायें।

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