वैदिक ज्योतिष में शीघ्र विवाह के सारे उपाय

वैदिक ज्योतिष में शीघ्र विवाह के उपाय 
कभी-कभी खूबसूरती, एज्यूकेशन और अच्छी जॉब के बाद भी कई लोग शादी में परेशानी का सामना करते हैं. यहां तक कि उनकी कुंडली में भी इस तरह का कोई दोष नहीं होता, बावजूद इसके शादी में अड़चन आ जाती है.

इतने लड़के या लड़कियां देखकर भी बात नहीं बनती. बात बनती भी है तो किसी छोटी-मोटी बात पर सगाई टूट जाती है.

यदि आप सभी उपाय करके थक चुके हैं और चाहते हैं कि इस साल आपकी शादी पक्की हो जाए तो आपको बताते हैं इसके अचूक टोटके.

शादी में देरी को लेकर आने वाली परेशानी और उनके समाधानों की बात कर रहे हैं। शीघ्र विवाह और सही समय पर शादी हर युवक-युवती की इच्छा होती है। विवाह में देरी होने से नौजवानों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विवाह में आने वाली परेशानियों की ज्योतिष शास्त्र में कई वजह बताई जाती हैं। इनमें मांगलिक दोष, बृहस्पति और शुक्र ग्रह की खराब स्थिति आदि वजह प्रमुख हैं। यदि किसी भी युवक और कन्या की कुंडली में ऐसे दोष हैं तो विवाह में देरी या शादी के बाद परेशानी उत्पन्न होने की संभावना बनी रहती है। हिंदू धर्म और ज्योतिष विद्या में शीघ्र विवाह के सरल उपाय मौजूद हैं। व्रत, तंत्र-मंत्र, टोटके जैसे तमाम ज्योतिष और धार्मिक उपायों से विवाह में आ रही मुश्किलों को दूर किया जा सकता है। आइये जानते हैं शीघ्र विवाह के सरल उपाय।

अक्सर जातकों की कुंडली में ऐसे योग भी होते हैं जिससे उनकी शादी में बाधाएँ आती है और लाख कोशिश करने के बावजूद वे शादी की ख़ुशी से वंचित रह जाते हैं इसलिए जिस प्रकार एक चिकित्सक के लिए किसी रोगी को ठीक करने से पहले उसके मर्ज़ को पहचानना आवश्यक है उसी प्रकार विवाह में हो रही देरी अथवा शादी न होने का कारण भी जानना उतना ही ज़रुरी है। आइए शीग्र विवाह के उपाय पर चर्चा करने से पहले ज्योतिष दृष्टिकोण से जानते हैं कि शादी-विवाह में देरी क्यों होती हैः-
 
मांगलिक दोष: शीघ्र विवाह के उपाय में मांगलिक दोष का समाधान होना आवश्यक होता है। यदि किसी जातक की कुंडली में मांगलिक दोष हो तो उसकी शादी में बाधा आएगी। इसके अलावा इस दोष के साथ यदि जातक का विवाह हो चुका है तो शादी में कलह की स्थिति बनी रहेगी इसलिए एक मांगलिक की शादी एक मांगलिक जातक से ही होनी चाहिए। इससे मांगलिक दोष का प्रभाव कम होता है।
 
सप्तमेश का बलहीन होना: यदि जातक के सप्तम भाव का स्वामी दुष्ट ग्रहों से पीड़ित हो अथवा अपनी नीच राशि में स्थित हो तो वह बलहीन हो जाता है। इसके अलावा सप्तमेश 6, 8,12 भाव में स्थित होने पर कमज़ोर होता है और इसके प्रभाव से जातकों के विवाह में देरी होती है। 
 
बृहस्पति ग्रह का बलहीन होना: यदि कुंडली में बृहस्पति ग्रह दुष्ट ग्रहों से पीड़ित हो, सूर्य के प्रभाव में आकर अस्त हो अथवा अपनी नीच राशि मकर में स्थित हो तो वह बलहीन हो जाएगा और इससे जातक को शादी-विवाह में दिक़्क़त का सामना करना पड़ेगा।
 
शुक्र का नीच होना: यदि जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह कमज़ोर होता है तो उसके जीवन में कोई भी काम पूरा नहीं हो पाता है और इसलिए जातक को अपने विवाह में बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
 
नवांश कुंडली में दोष: जन्म कुंडली के नौवें अंश को नवांश कुंडली कहते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस कुंडली से जातक के जीवन साथी के बारे में सटीक अनुमान लगाया जा सकता है इसलिए यदि जातक की इस नवांश कुंडली में दोष हो तो जातक के विवाह में बाधाएँ उत्पन्न होंगी।
 
ज्योतिष शास्त्र में मनुष्य की हर एक समस्या का समाधान निहित है। जातकों के शीघ्र शादी-विवाह के लिए भी इसमें उपाय दिए गए हैं जो इस प्रकार हैं- :-
 
शीघ्र विवाह के उपाय के तौर पर जातकों को शरीर पर पीले वस्त्र धारण करना चाहिए
 
 प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती से अर्गलास्तोत्रम् का पाठ करने से अविवाहित जातकों का शीघ्र विवाह होता है
 
 वास्तु यंत्र की पूजा करें
 
 यदि कोई वर किसी कन्या को शादी के लिए देखने जा रहा है तो उनको गुड़ खाकर जाना चाहिए। इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं
 
 जल्दी शादी के उपाय के तौर पर गणेश जी की आराधना करनी चाहिए और उन्हें लड्डुओं का भोग लगाएँ। ऐसा करने से अविवाहित पुरुषों की शादी में आ रही बाधाएँ दूर होती हैं जबकि कन्याओं को गणपति महाराज को मालपुए का भोग लगाना चाहिए
 
 शीघ्र विवाह के लिए पूजा स्थल पर नवग्रह यंत्र स्थापित कर पूजा करें
 
 प्रत्येक गुरुवार को पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करें। इससे विवाह के शीघ्र होने के योग बनते हैं
 
 भोजन में केसर का सेवन करना चाहिए ऐसा करने से जल्दी शादी होने की संभावनाएँ होती हैं
 
 अपने से बड़े लोगों का हमेशा सम्मान करें। ऐसा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है
 
 ओपल धारण करें
 
 गुरुवार को केले के वृ्क्ष के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएँ और गुरु (बृहस्पति) के 108 नामों का उच्चारण करें और ऐसा करने से जातकों का विवाह शीघ्र होता है
 
 जल में बड़ी इलायची डालकर उसे उबालें। फिर इस जल को स्नान के पानी में मिलाएँ। इसके बाद इस पानी से स्नान करें। इस उपाय से शुक्र के दोषों का निवारण होता है
 
 गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करें
 
 गुरुवार के दिन आटे के दो पेडों पर थोडी-सी हल्दी लगाकर, थोड़ा गुड़ और चने की दाल गाय को खिलाएं। इससे विवाह का योग शीघ्र बनता है
 
 विवाह योग्य कन्या गुरुवार के दिन तकिए के नीचे हल्दी की गांठ को पीले वस्त्र में लपेट कर रखें। ऐसा करने से शीघ्र हाथ पीले होने के शुभ योग बनते हैं
 
 विवाह योग्य लड़कों को विभिन्न रंगों से स्त्रियों का चित्र एवं कन्याओं को लाल रंग से पुरुषों की तस्वीर सफ़ेद कागज़ पर रोज़ाना तीन महीने तक बनानी चाहिए
 
 यदि लड़के के विवाह में देरी हो रही हो तो मिट्टी के कुल्हड़ में मशरूम भर कर किसी भी मंदिर में दान करें। इससे लड़के का विवाह शीघ्र होगा
 
 शुक्रवार के दिन सूर्यास्त से पूर्व विवाह शीघ्र होने की ईश्वर से प्रार्थना करें और फिर रसोई घर में बैठकर भोजन ग्रहण करें
 
 विवाह के योग्य जातक अपने पलंग (बेड) के नीचे लोहे की वस्तुएँ एवं कबाड़ आदि न रखें
 
 पूर्णिमा के दिन वट वृक्ष की 108 बार परिक्रमा करने से अविवाहित जातकों की विवाह की इच्छा पूरी होती है। यह शीघ्र विवाह का अच्छा उपाय माना जाता है।
 
 यदि अविवाहित कन्या किसी अन्य कन्या की शादी में जाए और वहाँ दुल्हन के हाथों से मेहंदी लगवा ले तो इससे उसकी शीघ्र शादी की संभावनाएँ बनती है
 
 कहते हैं कि शिव-पार्वती जी का पूजन करने से विवाह की मनोकामना पूरी हो जाती है इसलिए अविवाहित जातकों को शिवलिंग का कच्चे दूध से अभिषेक करना चाहिए एवं बेल पत्र, अक्षत, कुमकुम आदि से विधिवत पूजा करनी चाहिए
 
 सोमवार के दिन चने की दाल एवं कच्चे दूध का दान करें और यह प्रयोग तब तक करते रहना चाहिए जब तक कि जातक का विवाह न हो जाए
 
मांगलिक लोगों के लिए शादी के उपाय
                 
 प्रत्येक मंगलवार को मंगल-चंडिका स्त्रोत्र का पाठ करें
 
 शनिवार को सुन्दर काण्ड का पाठ करें
 
 मांगलिक लड़के मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएँ
 
 मांगलिक लड़के/लड़की अपने कमरे के दरवाजे को लाल/गुलाबी रंग से रंगें
 
मांगलिक लोगों के लिए शादी के उपाय
                 
 प्रत्येक मंगलवार को मंगल-चंडिका स्त्रोत्र का पाठ करें
 
 शनिवार को सुन्दर काण्ड का पाठ करें
 
शीघ्र विवाह हेतु मंत्र
                 
 पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणिम्। तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम।।
                 
  यह मंत्र दुर्गा सप्तशती से उद्घृत है। शादी की कामना करने वाले पुरुष जातकों को स्नान के बाद 11 बार इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे उनकी कामना पूर्ण होगी। यह शीघ्र विवाह का अचूक उपाय है।
                 
  “ॐ गं गणपतै नमः”
                 
  इस मंत्र को जपने से पहले बुधवार के दिन पीतल से बनी गणेश जी की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान करवाकर पंचोपचार विधि से पूजन करें। उसके बाद 21 बार इस मंत्र का जाप करें और जाप के बाद पंचामृत को पीपल के पेड़ में चढ़ाएँ। यह जल्दी शादी होने का अहम उपाय है।
                 
  “ॐ सृष्टिकर्ता मम विवाह कुरु कुरु स्वाहा”
                 
  मंगलवार के दिन लक्ष्मी-नारायण की प्रतिमा को घर में स्थापित करें उसके बाद पंचोपचार विधि से पूजन के उपरांत इस मंत्र का 21 बार जाप करें।
                 
  “ॐ श्रीं वर प्रदाय श्री नामः”
                 
  सोमवार को शिव मंदिर में पाँच नारियल चढ़ाएँ और इस मंत्र की 5 बार माला फेरें। ध्यान रखें, यह मंत्र विशेष रूप से कन्याओं के लिए है।
                 
  “क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा”
                 
  उक्त मंत्र का 108 बार जाप करने से अविवाहित कन्या अथवा वर का शीघ्र विवाह संपन्न हो जाता है। इस मंत्र का जाप करने से भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
                 
  “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रों स: गुरूवे नम:”
                 
  प्रत्येक गुरुवार के दिन इस मंत्र को उच्चारित करते हुए पाँच बार माला फेरें। इससे अविवाहित जातकों का विवाह शीघ्र होता है।
                 
व्रत
                 
 वैदिक ज्योतिष और हिंदू धर्म में शीघ्र विवाह के कई उपाय बताये गये हैं। विवाह योग्य जातक व्रत रखकर और ईश्वर भक्ति करके भी अपनी शादी की मनोकामना को पूर्ण कर सकते हैं। वैदिक ज्योतिष में विवाह के लिए निम्न व्रत बताए गए हैं-
 
  बृहस्पतिवार व्रत: शीघ्र विवाह के उपाय के तौर पर बृहस्पतिवार (गुरुवार) के दिन व्रत रखने से बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं। विशेषकर स्त्रियों के लिए यह व्रत शुभ फलदायी माना गया है। इस व्रत को धारण करने से मन की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। इस व्रत को विवाह योग्य वर अथवा कन्या अपने शीघ्र विवाह के लिए रखते हैं।
 
 सोलह सोमवार व्रत:सोमवार का व्रत भगवान शिव को समर्पित है और यह जल्दी शादी होने का अचूक उपाय माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि सोलह सोमवार का व्रत पूरे विधि विधान के साथ करने से सारी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं। अतः विवाह योग्य जातक इस व्रत का पालन कर अपनी विवाह की इच्छा पूर्ण कर सकते हैं।
 
 वैभव लक्ष्मी व्रत:शीघ्र विवाह के उपाय के तहत वैभव लक्ष्मी व्रत सोमवार को रखा जाता है। इस व्रत को स्त्री-पुरुष दोनों ही धारण कर सकते हैं। इससे घर में माँ लक्ष्मी जी का वास होता है और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। अविवाहित कन्या अथवा वर इस व्रत का पालन कर माँ लक्ष्मी से अपने लिए जीवनसाथी का वरदान मांग सकते हैं।

 
    जिन लोगों को शीघ्र विवाह की कामना हों, उन्हें हर गुरुवार गाय को दो आटे के पेड़े पर थोड़ी सी हल्दी लगाकर खिलाना चाहिए. साथ ही, थोड़ा सा गुड़ और चने की दाल गाय को खिलाएं.

    अगर लड़की की शादी में कोई रूकावट आ रही है तो 5 नारियल ले लें और शिवलिंग के आगे रख कर ऊँ श्रीं वर प्रदाय श्री नामः, मंत्र का पांच माला जाप करें. जाप के बाद पांचों नारियल शिवलिंग पर चढ़ा दें.

    रोज शिव-पार्वती की एक साथ पूजा करने से भी विवाह से संबंधित इच्छाएं पूरी हो सकती हैं. शिवलिंग पर कच्चा दूध, बिल्व पत्र, अक्षत, कुमकुम आदि चढ़ाकर पूजा करनी चाहिए.

शीघ्र विवाह के लिए सोमवार को 1200 ग्राम चने की दाल व सवा लीटर कच्चे दूध का दान करें। यह प्रयोग तब तक करते रहना है जब तक कि विवाह न हो जाय|

2. जिन लड़कों का विवाह नहीं हो रहा हो या प्रेम विवाह में विलंब हो रहा हो, उन्हें शीघ्र मनपसंद विवाह के लिए श्रीकृष्ण के इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए ।

शीघ्र विवाह के लिए भगवान श्री कृष्ण का मन्त्र
“क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा।”

3. कन्या जब किसी कन्या के विवाह में जाये और यदि वहाँ पर दुल्हन को मेहँदी लग रही हो तो अविवाहित कन्या कुछ मेहँदी उस दुल्हन के हाथ से लगवा ले इससे विवाह का मार्ग शीघ्र प्रशस्त होता है।

4. विवाह वार्ता के लिए घर आए अतिथियों को इस प्रकार बैठाएं कि उनका मुख घर में अंदर की ओर हो, उन्हें द्वार दिखाई न दे।

5.विवाह योग्य युवक-युवती जिस पलंग पर सोते हों उसके नीचे लोहे की वस्तुएं या कबाड़ का सामान कभी भी नहीं रखना चाहिए।

यदि विवाह के पूर्व लड़का-लड़की मिलना चाहें तो वह इस प्रकार बैठे कि उनका मुख दक्षिण दिशा की ओर न हो।

7. कन्या सफेद खरगोश को पाले तथा अपने हाथ से उसे भोजन के रूप में कुछ दे|

8. कन्या के विवाह की चर्चा करने उसके घर के लोग जब भी किसी के यहाँ जायें तो कन्या खुले बालों से,लाल वस्त्र धारण कर हँसते हुए उन्हें कोई मिष्ठान खिला कर विदा करे| विवाह की चर्चा सफल होगी|

9. पूर्णिमा को वट वृक्ष की 108 परिक्रमा देने से भी विवाह बाधा दूर होती है|

10. गुरूवार को वट वृक्ष, पीपल, केले के वृक्ष पर जल अर्पित करने से विवाह बाधा दूर होती है|

गौरी आवे ,शिव जो ब्यावे.अमुक का विवाह तुरंत सिद्ध करेँ,
देर ना करेँ, जो देर होए , तो शिव को त्रिशूल पड़े,
गुरु गोरखनाथ की दुहाई फिरै ।।

अमुक के स्थान पर जिस लड़की का विवाह न हो रहा हो उसका नाम लिख सकते है !

11. जिन व्यक्तियों को शीघ्र विवाह की कामना हों उन्हें गुरुवार को गाय को दो आटे के पेडे पर थोड़ा हल्दी लगाकर खिलाना चाहिए. तथा इसके साथ ही थोड़ा सा गुड व चने की पीली दाल का भोग गाय को लगाना शुभ होता है|

12. किसी भी शुभ दिवस पर मिटटी का एक नया कुल्हड़ लाएँ तथा उसमे एक लाल वस्त्र,सात काली मिर्च एवं सात ही नमक की साबुत कंकड़ी रख दें, हांडी का मुख लाल कपडे से बंद कर दें एवँ कुल्हड़ के बाहर कुमकुम की सात बिंदियाँ लगा दे फिर उसे सामने रख कर निम्न मंत्र की ५ माला जप करेँ । मन्त्र जप के पश्चात हांडी को चौराहे पर रखवा देँ| यह बहुत ही असरदायक प्रयोग है । ।

13. यदि कन्या की शादी में कोई रूकावट आ रही हो तो पूजा वाले 5 नारियल लें ! भगवान शिव की मूर्ती या फोटो के आगे रख कर “ऊं श्रीं वर प्रदाय श्री नामः” मंत्र का पांच माला जाप करें फिर वो पांचों नारियल शिव जी के मंदिर में चढा दें ! विवाह की बाधायें अपने आप दूर होती जांयगी !

14. प्रत्येक सोमवार को कन्या सुबह नहा-धोकर शिवलिंग पर “ऊं सोमेश्वराय नमः” का जाप करते हुए दूध मिले जल को चढाये और वहीं मंदिर में बैठ कर रूद्राक्ष की माला से इसी मंत्र का एक माला जप करे ! विवाह की सम्भावना शीघ्र बनती नज़र आएगी

शिव-पार्वती का पूजन करने स भी विवाह की मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं। इसके लिए प्रतिदिन शिवलिंग पर कच्चा दूध, बिल्व पत्र, अक्षत, कुमकुम आदि चढ़ाकर विधिवत पूजन करें।

16. विवाह योग्य लोगों को शीघ्र विवाह के लिये प्रत्येक गुरुवार को नहाने वाले पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करना चाहिए. भोजन में केसर का सेवन करने से विवाह शीघ्र होने की संभावनाएं बनती है|

17. विवाह योग्य व्यक्ति को सदैव शरीर पर कोई भी एक पीला वस्त्र धारण करके रखना चाहिए|

18. गुरुवार की शाम को पांच प्रकार की मिठाई, हरी ईलायची का जोडा तथा शुद्ध घी के दीपक के साथ जल अर्पित करना चाहिये | यह प्रयोग लगातार तीन गुरुवार को करना चाहिए,इससे शीघ्र विवाह के योग निस्संदेह बनते है ।

19. गुरुवार को केले के वृ्क्ष पर जल अर्पित करके शुद्ध घी का दीपक जलाकर गुरु के 108 नामों का उच्चारण करने से जल्दी ही जीवनसाथी की तलाश पूर्ण हो जाती है ।

गुरुवार को बृहस्पति देव को प्रसन्न करने के लिए पीले रंग की वस्तुएं चढ़ानी चाहिए। पीले रंग की वस्तुएं जैसे हल्दी, पीला फल, पीले रंग का वस्त्र, पीले फूल, केला, चने की दाल आदि इसी तरह की वस्तुएं गुरु ग्रह को चढ़ानी चाहिए। साथ ही शीघ्र विवाह की इच्छा रखने वाले युवाओं को गुरुवार के दिन व्रत रखना चाहिए।

इस व्रत में खाने में पीले रंग का खाना ही खाएं, जैसे चने की दाल, पीले फल, केले खाने चाहिए। इस दिन व्रत करने वाले को पीले रंग के वस्त्र ही पहनने चाहिए।

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रों स: गुरूवे नम: ॥ मंत्र का पांच माला प्रति गुरुवार जप करें।

22. अगर किसी का विवाह कुण्डली के मांगलिक योग के कारण नहीं हो पा रहा है, तो ऎसे व्यक्ति को मंगल वार के दिन चण्डिका स्तोत्र का पाठ तथा शनिवार के दिन सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए. इससे भी विवाह के मार्ग की बाधाओं में कमी होती है.

23. शिव-पार्वती का पूजन करने से भी विवाह की मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं। इसके लिए प्रतिदिन शिवलिंग पर कच्चा दूध, बिल्व पत्र, अक्षत, कुमकुम आदि चढ़ाकर विधिवत पूजन करें।

जिन व्यक्तियों की विवाह की आयु हो चुकी है. परन्तु विवाह संपन्न होने में बाधा आ रही है उन व्यक्तियों को यह उपाय करना चाहिए. इस उपाय में शुक्रवार की रात्रि में आठ छुआरे जल में उबाल कर जल के साथ ही अपने सोने वाले स्थान पर सिरहाने रख कर सोयें तथा शनिवार को प्रात: स्नान करने के बाद किसी भी बहते जल में इन्हें प्रवाहित कर दें|

25. यदि आपको प्रेम विवाह में अडचने आ रही हैं तो :—- शुक्ल पक्ष के गुरूवार से शुरू करके विष्णु और लक्ष्मी मां की मूर्ती या फोटो के आगे “ऊं लक्ष्मी नारायणाय नमः” मंत्र का रोज़ तीन माला जाप स्फटिक माला पर करें ! इसे शुक्ल पक्ष के गुरूवार से ही शुरू करें ! तीन महीने तक हर गुरूवार को मंदिर में प्रशाद चढांए और विवाह की सफलता के लिए प्रार्थना करें !

26. शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार को सात केले, सात गौ ग्राम गुड़ और एक नारियल लेकर किसी नदी या सरोवर पर जाएं। अब कन्या को वस्त्र सहित नदी के जल में स्नान कराकर उसके ऊपर से जटा वाला नारियल ऊसारकर नदी में प्रवाहित कर दें। इसके बाद थोड़ा गुड़ व एक केला चंद्रदेव के नाम पर व इतनी ही सामग्री सूर्यदेव के नाम पर नदी के किनारे रखकर उन्हें प्रणाम कर लें। थोड़े से गुड़ को प्रसाद के रूप में कन्या स्वयं खाएं और शेष सामग्री को गाय को खिला दें। इस टोटके से कन्या का विवाह शीघ्र ही हो जाएगा।

27. शादी वाले दिन से एक दिन पहले एक ईंट के ऊपर कोयले से “बाधायें” लिखकर ईंट को उल्टा करके किसी सुरक्षित स्थान पर रख दीजिये,और शादी के बाद उस ईंट को उठाकर किसी पानी वाले स्थान पर डाल कर ऊपर से कुछ खाने का सामान डाल दीजिये, विवाह के समय और विवाह के बाद में वर/वधु के दाम्पत्य जीवन में बाधायें नहीं आयेंगी, यह काम वर – वधु या उनके घर का कोई भी सदस्य कर सकता है लेकिन यह काम बिल्कुल चुपचाप करना चाहिए ।

 बृहस्पति, शुक्र, बुद्ध और सोम इन वारों में विवाह करने से कन्या सौभाग्यवती होती है। विवाह में चतुर्दशी, नवमी इन तिथियों को त्याग देना चाहिए।

29. विवाह के पश्चात एक वर्ष तक पिण्डदान,मृक्ति का स्नान, तिलतर्पण, तीर्थयात्रा,मुण्डन,प्रेतानुगमन आदि नहीं करना चाहिये.

30. यदि किसी कन्या का विवाह नहीं हो पा रहा है तो वह कन्या आज विवाह की कामना से भगवान श्रीगणेश को मालपुए का भोग लगाए तो शीघ्र ही उसका विवाह हो जाता है।

31. यदि किसी युवक के विवाह में परेशानियां आ रही हैं तो वह भगवान श्रीगणेश को पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं तो उसका विवाह भी जल्दी हो जाता है।

 विवाह के लिए ज्योतिष का नियम है कि सातवें घर की दशा तथा नवम् घर की अंतरदशा में विवाह होता है। गुरु केंद्र में गोचर में हो या नवम् घर की दशा तथा सातवें घर के स्वामी की अंतरदशा में विवाह होता है।> > इसलिए यदि इनमें से कोई ग्रह अस्त, शत्रु राशि, नीच राशि में या वक्री हो तो इनके मंत्रों का जाप करें या कराएं। दान आदि करें। यदि मांगलिक हों तो मंगल शांति करवाएं। उसके बाद मनोनुकूल उपाय करें।  
 
विवाह के लिए सर्वमान्य दुर्गा सप्तशती के अर्गला स्तोत्र का 24वां मंत्र नित्य करें।
 
(1) 'पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्।
तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम।।
 
(2) विश्वावसु गंधर्व मंत्र
 
ॐ विश्वावसु गंधर्व कन्यानामधिपति।
सुवर्णां सालंकारा कन्यां दे‍हि मे देव।।
 
यह मंत्र जप करें तथा कवच-स्तोत्र प्राप्त कर पाठ करें।
 
(3) सप्तमेश का रत्न विद्वान की सलाह से धारण करें तथा हीरा धारण करें।
 सूर्य को अर्घ्य दें तथा सूर्य के मंत्र का जप करें।
 
(5) पीपल में संध्या के समय मीठा जल तथा घी का दीपक लगाएं तथा अपनी इच्छा की प्रार्थना करें।
 
(6) यदि कालसर्प दोष हो तो उसकी शांति करवाएं।
 
(7) कभी-कभी सूर्य या चन्द्र के साथ राहु होता है। ये ग्रहण दोष कहलाता है। इसकी शांति करवाएं।
 
(8) शिवजी को रोज दुग्ध चढ़ाएं।
 
(9) घर में वास्तुदोष हो तो दूर करें।
 
(10) दक्षिण या पूर्व की ओर सिर रखकर सोएं। 

 संसार में सभी माता-पिता अपनी संतानों की शादी के लिए बहुत चिंतित और परेशान रहते है और वह चाहते है कि उनकी संतान को सुयोग्य वर या वधु वक्त पर मिल जाएं। शादी लडकियों के माता पिता के लिए एक बडी वजह है क्योंकि ये माना जाता है कि लडकी की शादी वक्त पर ना हो तो उसके लिए रिश्ते मिलना कठिन हो जाता है और लडकी का रिश्ता तय होने में कभी कभी रिश्ते टूटते भी है। जन्मकुंडली में कई ऐसे योग होते हैं जिनके कारण से कोई भी पुरुष या स्त्री की विवाह में बहुत रूकावट आती है। कई बार ये रूकावट बाहरी बाधाओं की वजह से भी आती हैं। इस प्रकार की स्थिति होने पर शीघ्र विवाह के उपाय करने में समझदारी रहती है। इन उपाय को करने से शीघ्र विवाह के मार्ग बनते है, तथा विवाह मार्ग की समस्त बाधाएं से मुक्ति मिलती है।

(1) रविवार के दिन एक पीला कपडा लें और उसमे 7 सुपारी, 7 हल्दी की गांठ, 7 गुड की ढेली, 7 पील फुल, 70 ग्राम चने की दाल, 70 सेंटीमीटर पीला कपडा और 1 पंद्रह का यंत्र रख लें। अब आप इन सबसे माता पार्वती की पूजा करें और पूजन के बाद इन सबको 40 दिनों तक अपने घर में रखें। माता पार्वती के आशीर्वाद से इन 40 दिनों के भीतर ही आपके विवाह के योग बनने आरंभ हो जायेंगे।

(2) गुरुवार के दिन व्रत रखें और पीली वस्तुओं जैसे पीले कपडे, चने के दाल, हल्दी, या गुड इत्यादि का दान करें तो उन्हें शीघ्र ही लाभ मिलता है। साथ ही व्रत के दौरान उन्हें ब्रहस्पति व्रत कथा भी पढनी चाहियें और केले के पेड पर जल चढाना चाहिये। ध्यान रहें कि आप दिन में कभी भी न सोयें और श्याम के समय पीला ही भोजन करने। इस तरह आप इस उपाय को 21 गुरुवार तक अपनायें।

माह में पूर्णिमा के दिन आप वाट के पेड की 108 परिक्रमा लगायें और उन्हें मन ही मन विनती करें कि हे प्रभु मेरे विवाह में आई सभी बाधाओं को दूर करें और मुझे मनचाहे वर या वधु का वरदान दें। साथ ही आप उनसे ये भी प्रार्थना करें कि आप दोनों का जीवन सदा खुशियाँ से भरा रहें।

(4) जब आपके विवाह की बाते चल रही हो तो उस समय आप अपने बालों को खुलें रखें। साथ ही अगर आप अपनी किसी सहेली के विवाह में जा रही है तो आप उनके हाथ में लगी मेहंदी से कुछ मेहंदी हाथ में लगायें। इससे भी जल्द आपकी शादी के योग बनते है।

(5) जल्दी विवाह के लिए सोमवार को 1100 ग्राम चने की दाल व सवा लीटर कच्चे दूध का दान करें। यह प्रयोग तब तक करते रहना है जब तक कि विवाह न हो जाएं।

(6) आप अपने पलंग के नीचे से लोहे के सामान को निकाल दें और बाकि सारी चीजों को सही और साफ सुथरी तरह रखें। हो सके तो आप सामान्य पलंग का इस्तेमाल करें।

आजकल का यूथ कई तरह की प्रॉब्लम्स का सामना कर रहा है। पहले पढ़ाई की टेन्षन, फिर अच्छी नौकरी की और जब नौकरी लग जाए तो शादी की। बल्कि इस उम्र के नौजवानों के माता-पिता को तो जैसे और कोई काम ही नहीं रहा, वो सिर्फ और सिर्फ अपने बच्चे की शादी की बात से परेशान हैं और मॅरेज ब्यूवरो और पंडितों के चक्कर काट-काट के बेहाल हैं। आइये आपको कुछ ऐसे उपाय बताएं जिनको करने से विवाह में आने वाली रुकावटें दूर हो जाती हैं...

जन्म-पत्रिका में विवाह योग?

यदि किसी अन्य कारण से विवाह नही हो पा रहा है तो आप इन उपायों से लाभ उठा सकते हैं| सबसे पहली बात यह है की जन्म-पत्रि में विवाह योग होना ज़रूरी है| आप सर्वप्रथम किसी ज्ञानी से बारीकी से पत्रिका का अध्यन करवा लें| उनसे यह पता करें आपकी पत्रिका में विवाह योग हैं भी या नहीं| यदि है तो विवाह क्यूँ नही हो पा रहा है | यदि आपकी पत्रिका के अनुसार कोई गृह ही समस्या दे रहा है, विवाह योग भी है और विवाह नहीं हो पा रहा है तो आप आगे दिए जा रहे उपाय कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं...

गाय को भोग

यदि ऐसे लोग गुरूवार को गाय को भोग यानी दो आटे के पेड़े पर थोड़ी हल्दी लगाकर थोडा गुड तथा चने की गीली दाल का भोग देना चाहिए|

दीपक के साथ जल

गुरूवार की शाम को पांच प्रकार की मिठाई के साथ हरी इलाइची का जोड़ा तथा शुद्ध घी के दीपक के साथ जल अर्पित करना चाहिए| यह लगातार तीन गुरूवार करना चाहिए| गुरूवार को केले के वृक्ष के समक्ष गुरु के 108 नामों के उच्चारण के साथ शुद्ध घी का दीपक तथा जल अर्पित करना चाहिए|

आठ छुआरे

शुक्रवार की रात्रि में आठ छुआरे जल में उबाल कर जल के साथ ही अपने सोने वाले स्थान पर सिरहाने रख कर सोयें तथा शनिवार को प्रात:स्नान करने के बाद किसी बहते जल में प्रवाहित कर दें| यह प्रयोग भी चमत्कारी है|

मेहँदी

कन्या जब किसी कन्या के विवाह में जाये और यदि वहां पर कन्या को मेहँदी लग रहे हो तो अविवाहित कन्या कुछ मेहँदी उस कन्या के हाथ से लगवा ले तो विवाह का मार्ग प्रशस्त होता है|

जब घर के लोग शादी की बात करने जाएँ

कन्या के विवाह की चर्चा करने उसके घर के लोग जब भी किसी के यहाँ जायें तो कन्या खुले बालों से, लाल वस्त्र धारण कर हँसते हुए उन्हें कोई मिष्ठान खिला कर विदा करे|

बृहस्पति पूजा

बृहस्पति को देवताओं का गुरु माना जाता है इनकी पूजा से विवाह के मार्ग में आ रही सभी अड़चनें अपने आप ही समाप्त हो जाती हैं। इनकी पूजा के लिए गुरुवार का विशेष महत्व है। गुरुवार को बृहस्पति देव को प्रसन्न करने के लिए पीले रंग की वस्तुएं चढ़ानी चाहिए जैसे हल्दी, पीला फल, पीले रंग का वस्त्र, पीले फूल, केला, चने की दाल आदि । साथ ही शीघ्र विवाह की इच्छा रखने वाले युवाओं को गुरुवार के दिन व्रत रखना चाहिए। इस व्रत में खाने में पीले रंग का खाना ही खाएं, जैसे चने की दाल, पीले फल, केले खाने चाहिए। इस दिन व्रत करने वाले को पीले रंग के वस्त्र ही पहनने चाहिए।

शिव-पार्वती का पूजन

गुरु ग्रह की पूजा के अतिरिक्त शिव-पार्वती का पूजन करने से भी विवाह की मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं। इसके लिए प्रतिदिन शिवलिंग पर कच्चा दूध, बिल्व पत्र, अक्षत, कुमकुम आदि चढ़ाकर विधिवत पूजन करें।

चांदी का चौकोर टुकड़ा

कुंडली में मंगल के कारण विवाह में विलंब होने पर चांदी का चौकोर टुकड़ा सदैव अपने पास रखें। विवाह शीघ्र होगा।

गुड़ और पानी

सूर्य की बाधा होने पर विवाह प्रस्ताव के जाते समय थोड़ा गुड़ खाकर और पानी पीकर जाना चाहिए। साथ ही लड़के या लड़की की माता को गुड़ खाना छोड़ देना चाहिए।

शनिवार के उपाय

एक तरफ से सिकी हुईं आठ मीठी रोटियां भूरे कुत्ते को खिलाएं। शनिवार को काले कपड़े में साबुत उड़द, लोहा, काला तिल और साबुन बांधकर दान करें। काले घोड़े की नाल का छल्ला सीधे हाथ की मध्यमा अंगुली (मीडिल फिंगर) में पहनें।

तस्वीरें बनाएं

पुरुषों को विभिन्न रंगों से स्त्रियों की तस्वीरें और महिलाओं को लाल रंग से पुरुषों की तस्वीर सफ़ेद कागज पर रोजाना तीन महिने तक एक एक बनानी चाहिये।

शिव पूजा

यदि कन्या की शादी में कोई रूकावट आ रही हो तो पूजा वाले 5 नारियल लें ! भगवान शिव की मूर्ती या फोटो के आगे रख कर “ऊं श्रीं वर प्रदाय श्री नामः” मंत्र का पांच माला जाप करें फिर वो पांचों नारियल शिव जी के मंदिर में चढा दें ! विवाह की बाधायें अपने आप दूर होती जांयगी !

प्रत्येक सोमवार को कन्या सुबह नहा-धोकर शिवलिंग पर “ऊं सोमेश्वराय नमः” का जाप करते हुए दूध मिले जल को चढाये और वहीं मंदिर में बैठ कर रूद्राक्ष की माला से इसी मंत्र का एक माला जप करे ! विवाह की सम्भावना शीघ्र बनती नज़र आयेगी 

विवाह बाधा हटाने के उपाय

शादी वाले दिन से एक दिन पहले एक ईंट के ऊपर कोयले से “बाधायें” लिखकर ईंट को उल्टा करके किसी सुरक्षित स्थान पर रख दीजिये,और शादी के बाद उस ईंट को उठाकर किसी पानी वाले स्थान पर डाल कर ऊपर से कुछ खाने का सामान डाल दीजिये, शादी विवाह के समय में बाधायें नहीं आयेंगी।
क्सर जातकों की कुंडली में ऐसे योग भी होते हैं जिससे उनकी शादी में बाधाएँ आती है और लाख कोशिश करने के बावजूद वे शादी की ख़ुशी से वंचित रह जाते हैं इसलिए जिस प्रकार एक चिकित्सक के लिए किसी रोगी को ठीक करने से पहले उसके मर्ज़ को पहचानना आवश्यक है उसी प्रकार विवाह में हो रही देरी अथवा शादी न होने का कारण भी जानना उतना ही ज़रुरी है। आइए शीग्र विवाह के उपाय पर चर्चा करने से पहले ज्योतिष दृष्टिकोण से जानते हैं कि शादी-विवाह में देरी क्यों होती हैः-

    मांगलिक दोष: शीघ्र विवाह के उपाय में मांगलिक दोष का समाधान होना आवश्यक होता है। यदि किसी जातक की कुंडली में मांगलिक दोष हो तो उसकी शादी में बाधा आएगी। इसके अलावा इस दोष के साथ यदि जातक का विवाह हो चुका है तो शादी में कलह की स्थिति बनी रहेगी इसलिए एक मांगलिक की शादी एक मांगलिक जातक से ही होनी चाहिए। इससे मांगलिक दोष का प्रभाव कम होता है।

    सप्तमेश का बलहीन होना: यदि जातक के सप्तम भाव का स्वामी दुष्ट ग्रहों से पीड़ित हो अथवा अपनी नीच राशि में स्थित हो तो वह बलहीन हो जाता है। इसके अलावा सप्तमेश 6, 8,12 भाव में स्थित होने पर कमज़ोर होता है और इसके प्रभाव से जातकों के विवाह में देरी होती है।

    बृहस्पति ग्रह का बलहीन होना: यदि कुंडली में बृहस्पति ग्रह दुष्ट ग्रहों से पीड़ित हो, सूर्य के प्रभाव में आकर अस्त हो अथवा अपनी नीच राशि मकर में स्थित हो तो वह बलहीन हो जाएगा और इससे जातक को शादी-विवाह में दिक़्क़त का सामना करना पड़ेगा।

    शुक्र का नीच होना: यदि जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह कमज़ोर होता है तो उसके जीवन में कोई भी काम पूरा नहीं हो पाता है और इसलिए जातक को अपने विवाह में बाधाओं का सामना करना पड़ता है।

    नवांश कुंडली में दोष: जन्म कुंडली के नौवें अंश को नवांश कुंडली कहते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस कुंडली से जातक के जीवन साथी के बारे में सटीक अनुमान लगाया जा सकता है इसलिए यदि जातक की इस नवांश कुंडली में दोष हो तो जातक के विवाह में बाधाएँ उत्पन्न होंगी।
शीघ्र विवाह के उपाय के तौर पर जातकों को शरीर पर पीले वस्त्र धारण करना चाहिए
प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती से अर्गलास्तोत्रम् का पाठ करने से अविवाहित जातकों का शीघ्र विवाह होता है
वास्तु यंत्र की पूजा करें
यदि कोई वर किसी कन्या को शादी के लिए देखने जा रहा है तो उनको गुड़ खाकर जाना चाहिए। इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं
जल्दी शादी के उपाय के तौर पर गणेश जी की आराधना करनी चाहिए और उन्हें लड्डुओं का भोग लगाएँ। ऐसा करने से अविवाहित पुरुषों की शादी में आ रही बाधाएँ दूर होती हैं जबकि कन्याओं को गणपति महाराज को मालपुए का भोग लगाना चाहिए
शीघ्र विवाह के लिए पूजा स्थल पर नवग्रह यंत्र स्थापित कर पूजा करें
प्रत्येक गुरुवार को पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करें। इससे विवाह के शीघ्र होने के योग बनते हैं
भोजन में केसर का सेवन करना चाहिए ऐसा करने से जल्दी शादी होने की संभावनाएँ होती हैं
अपने से बड़े लोगों का हमेशा सम्मान करें। ऐसा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है

गुरुवार को केले के वृ्क्ष के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएँ और गुरु (बृहस्पति) के 108 नामों का उच्चारण करें और ऐसा करने से जातकों का विवाह शीघ्र होता है
जल में बड़ी इलायची डालकर उसे उबालें। फिर इस जल को स्नान के पानी में मिलाएँ। इसके बाद इस पानी से स्नान करें। इस उपाय से शुक्र के दोषों का निवारण होता है
गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करें
गुरुवार के दिन आटे के दो पेडों पर थोडी-सी हल्दी लगाकर, थोड़ा गुड़ और चने की दाल गाय को खिलाएं। इससे विवाह का योग शीघ्र बनता है
विवाह योग्य कन्या गुरुवार के दिन तकिए के नीचे हल्दी की गांठ को पीले वस्त्र में लपेट कर रखें। ऐसा करने से शीघ्र हाथ पीले होने के शुभ योग बनते हैं
विवाह योग्य लड़कों को विभिन्न रंगों से स्त्रियों का चित्र एवं कन्याओं को लाल रंग से पुरुषों की तस्वीर सफ़ेद कागज़ पर रोज़ाना तीन महीने तक बनानी चाहिए
यदि लड़के के विवाह में देरी हो रही हो तो मिट्टी के कुल्हड़ में मशरूम भर कर किसी भी मंदिर में दान करें। इससे लड़के का विवाह शीघ्र होगा
शुक्रवार के दिन सूर्यास्त से पूर्व विवाह शीघ्र होने की ईश्वर से प्रार्थना करें और फिर रसोई घर में बैठकर भोजन ग्रहण करें
विवाह के योग्य जातक अपने पलंग (बेड) के नीचे लोहे की वस्तुएँ एवं कबाड़ आदि न रखें
पूर्णिमा के दिन वट वृक्ष की 108 बार परिक्रमा करने से अविवाहित जातकों की विवाह की इच्छा पूरी होती है। यह शीघ्र विवाह का अच्छा उपाय माना जाता है। 

यदि अविवाहित कन्या किसी अन्य कन्या की शादी में जाए और वहाँ दुल्हन के हाथों से मेहंदी लगवा ले तो इससे उसकी शीघ्र शादी की संभावनाएँ बनती है
कहते हैं कि शिव-पार्वती जी का पूजन करने से विवाह की मनोकामना पूरी हो जाती है इसलिए अविवाहित जातकों को शिवलिंग का कच्चे दूध से अभिषेक करना चाहिए एवं बेल पत्र, अक्षत, कुमकुम आदि से विधिवत पूजा करनी चाहिए
सोमवार के दिन चने की दाल एवं कच्चे दूध का दान करें और यह प्रयोग तब तक करते रहना चाहिए जब तक कि जातक का विवाह न हो जाए

    प्रत्येक मंगलवार को मंगल-चंडिका स्त्रोत्र का पाठ करें
    शनिवार को सुन्दर काण्ड का पाठ करें
    मांगलिक लड़के मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएँ
    मांगलिक लड़के/लड़की अपने कमरे के दरवाजे को लाल/गुलाबी रंग से रंगें

 पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणिम्।
तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम।।

यह मंत्र दुर्गा सप्तशती से उद्घृत है। शादी की कामना करने वाले पुरुष जातकों को स्नान के बाद 11 बार इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे उनकी कामना पूर्ण होगी। यह शीघ्र विवाह का अचूक उपाय है।
“ॐ गं गणपतै नमः”

इस मंत्र को जपने से पहले बुधवार के दिन पीतल से बनी गणेश जी की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान करवाकर पंचोपचार विधि से पूजन करें। उसके बाद 21 बार इस मंत्र का जाप करें और जाप के बाद पंचामृत को पीपल के पेड़ में चढ़ाएँ। यह जल्दी शादी होने का अहम उपाय है।
“ॐ सृष्टिकर्ता मम विवाह कुरु कुरु स्वाहा”

मंगलवार के दिन लक्ष्मी-नारायण की प्रतिमा को घर में स्थापित करें उसके बाद पंचोपचार विधि से पूजन के उपरांत इस मंत्र का 21 बार जाप करें।
“ॐ श्रीं वर प्रदाय श्री नामः”

सोमवार को शिव मंदिर में पाँच नारियल चढ़ाएँ और इस मंत्र की 5 बार माला फेरें। ध्यान रखें, यह मंत्र विशेष रूप से कन्याओं के लिए है।

क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा”

उक्त मंत्र का 108 बार जाप करने से अविवाहित कन्या अथवा वर का शीघ्र विवाह संपन्न हो जाता है। इस मंत्र का जाप करने से भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
“ॐ ग्रां ग्रीं ग्रों स: गुरूवे नम:”

प्रत्येक गुरुवार के दिन इस मंत्र को उच्चारित करते हुए पाँच बार माला फेरें। इससे अविवाहित जातकों का विवाह शीघ्र होता है।

 वैदिक ज्योतिष और हिंदू धर्म में शीघ्र विवाह के कई उपाय बताये गये हैं। विवाह योग्य जातक व्रत रखकर और ईश्वर भक्ति करके भी अपनी शादी की मनोकामना को पूर्ण कर सकते हैं। वैदिक ज्योतिष में विवाह के लिए निम्न व्रत बताए गए हैं-

    बृहस्पतिवार व्रत: शीघ्र विवाह के उपाय के तौर पर बृहस्पतिवार (गुरुवार) के दिन व्रत रखने से बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं। विशेषकर स्त्रियों के लिए यह व्रत शुभ फलदायी माना गया है। इस व्रत को धारण करने से मन की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। इस व्रत को विवाह योग्य वर अथवा कन्या अपने शीघ्र विवाह के लिए रखते हैं।

    सोलह सोमवार व्रत:सोमवार का व्रत भगवान शिव को समर्पित है और यह जल्दी शादी होने का अचूक उपाय माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि सोलह सोमवार का व्रत पूरे विधि विधान के साथ करने से सारी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं। अतः विवाह योग्य जातक इस व्रत का पालन कर अपनी विवाह की इच्छा पूर्ण कर सकते हैं।

    वैभव लक्ष्मी व्रत:शीघ्र विवाह के उपाय के तहत वैभव लक्ष्मी व्रत सोमवार को रखा जाता है। इस व्रत को स्त्री-पुरुष दोनों ही धारण कर सकते हैं। इससे घर में माँ लक्ष्मी जी का वास होता है और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। अविवाहित कन्या अथवा वर इस व्रत का पालन कर माँ लक्ष्मी से अपने लिए जीवनसाथी का वरदान मांग सकते हैं।

शीघ्र विवाह के लिए सोमवार को 1200 ग्राम चने की दाल व सवा लीटर कच्चे दूध का दान करें यह प्रयोग तब तक करते रहना है लेकिन जब तक कि विवाह न हो जाय.
कन्या जब किसी कन्या के विवाह में जाये और यदि वहाँ पर दुल्हन को मेहँदी लग रही हो तो अविवाहित कन्या कुछ मेहँदी उस दुल्हन के हाथ से लगवा ले इससे विवाह का मार्ग शीघ्र प्रशस्त होता है.
विवाह वार्ता के लिए घर आए अतिथियों को इस प्रकार बैठाएं कि उनका मुख घर में अंदर की ओर हो उन्हें दरवाजा दिखाई न दे.
विवाह योग्य युवक या युवती जिस पलंग पर सोते हों उसके नीचे लोहे की वस्तुएं या कबाड़ का सामान कभी भी नहीं रखना चाहिए.
यदि विवाह के पूर्व लड़का या लड़की मिलना चाहें तो वह इस प्रकार बैठे कि उनका मुख दक्षिण दिशा की ओर न हो.
कन्या सफेद खरगोश को पाले तथा अपने हाथ से उसे रोज भोजन के रूप में कुछ दे.
कन्या के विवाह की चर्चा करने उसके घर के लोग जब भी किसी के यहाँ जायें तो कन्या खुले बालों से तथा लाल वस्त्र धारण कर और हँसते हुए उन्हें कोई मिष्ठान खिला कर विदा करे. ईश्वर की कृपा से विवाह की चर्चा सफल होगी.
यदि विवाह में बहुत बाधा आ रही है तो पूर्णिमा को वट वृक्ष की 108 परिक्रमा देने से भी विवाह बाधा दूर होती है. गुरूवार को वट वृक्ष, पीपल, केले के वृक्ष पर जल अर्पित करने से भी विवाह बाधा दूर होती है.

किसी भी शुभ दिन मिटटी का एक नया कुल्हड़ लाएँ. उसमे एक लाल वस्त्र, सात काली मिर्च एवं सात ही नमक की साबुत कंकड़ी रख दें. हांडी का मुख लाल कपडे से बंद कर दें. कुल्हड़ के बाहर कुमकुम की सात बिंदियाँ लगा दे. फिर उसे सामने रख कर निम्न मंत्र की 5 माला जप करेँ. मन्त्र जप के पश्चात हांडी को चौराहे पर रखवा देँ. यह शीघ्र विवाह के लिए बहुत ही असरदायक प्रयोग है.

शीघ्र विवाह (Without Delay Marriage) का मन्त्र

गौरी आवे ,शिव जो ब्यावे [लड़की का नाम] का विवाह तुरंत सिद्ध करेँ,

देर ना करेँ, जो देर होए, तो शिव को त्रिशूल पड़े, गुरु गोरखनाथ की दुहाई फिरै ।।

यदि कन्या की शादी में कोई रूकावट आ रही हो तो पूजा वाले 5 नारियल लें. भगवान शिव की मूर्ती या फोटो के आगे रख कर “ऊं श्रीं वर प्रदाय श्री नामः” मंत्र का पांच माला जाप करें. फिर वो पांचों नारियल शिव जी के मंदिर में चढा दें. इस प्रयोग से शीघ्र विवाह की बाधायें अपने आप दूर होती जांयगी.

प्रत्येक सोमवार को कन्या सुबह नहा धोकर शिवलिंग पर “ऊं सोमेश्वराय नमः” का जाप करते हुए दूध मिले जल को चढाये. वहीं मंदिर में बैठ कर रूद्राक्ष की माला से इसी मंत्र का एक माला जप करे. शीघ्र विवाह की सम्भावना बनती नज़र आयेगी.

शिव पार्वती का पूजन करने से भी विवाह की मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं. इसके लिए प्रतिदिन शिवलिंग पर कच्चा दूध, बिल्व पत्र, अक्षत, कुमकुम आदि चढ़ाकर विधिवत पूजन करें.

विवाह योग्य लोगों को शीघ्र विवाह के लिये प्रत्येक गुरुवार को नहाने वाले पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करना चाहिए. भोजन में केसर का सेवन करने से विवाह शीघ्र होने की संभावनाएं बनती है.

विवाह योग्य व्यक्ति को सदैव शरीर पर कोई भी एक पीला वस्त्र धारण करके रखना चाहिए.

गुरुवार की शाम को पांच प्रकार की मिठाई, हरी ईलायची का जोडा तथा शुद्ध घी के दीपक के साथ जल अर्पित करना चाहिये. यह प्रयोग लगातार तीन गुरुवार को करना चाहिए. इससे शीघ्र विवाह के योग निस्संदेह बनते है.

गुरुवार को केले के वृ्क्ष पर जल अर्पित करके शुद्ध घी का दीपक जलाकर गुरु के 108 नामों का उच्चारण करने से जल्दी ही जीवनसाथी की तलाश पूर्ण हो जाती है.

बृहस्पति को देवताओं का गुरु माना जाता है. इनकी पूजा से विवाह के मार्ग में आ रही सभी अड़चनें स्वत ही समाप्त हो जाती हैं. इनकी पूजा के लिए गुरुवार का विशेष महत्व है.

जिन लड़कों का विवाह नहीं हो रहा हो या प्रेम विवाह में विलंब हो रहा हो उन्हें शीघ्र मनपसंद विवाह के लिए श्रीकृष्ण के इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए.

शीघ्र विवाह के लिए भगवान श्री कृष्ण का मन्त्र.

“क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा।”

यदि किसी कन्या का विवाह नहीं हो पा रहा है तो वह कन्या आज विवाह की कामना से भगवान श्री गणेश को मालपुए का भोग लगाए तो शीघ्र ही उसका विवाह हो जाता है.
शीघ्र विवाह (Without Delay Marriage) के अन्य प्रयोग

अगर किसी का विवाह कुण्डली के मांगलिक योग के कारण नहीं हो पा रहा है. तो ऎसे व्यक्ति को मंगल वार के दिन चण्डिका स्तोत्र का पाठ तथा शनिवार के दिन सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए इससे भी विवाह के मार्ग की बाधाओं में कमी होती है.

जिन व्यक्तियों की विवाह की आयु हो चुकी है. परन्तु विवाह संपन्न होने में बाधा आ रही है उन व्यक्तियों को यह उपाय करना चाहिए. इस उपाय में शुक्रवार की रात्रि में आठ छुआरे जल में उबाल कर जल के साथ ही अपने सोने वाले स्थान पर सिरहाने रख कर सोयें. शनिवार को प्रात स्नान करने के बाद किसी भी बहते जल में इन्हें प्रवाहित कर दें.

शुक्ल पक्ष के गुरूवार से शुरू करके विष्णु और लक्ष्मी मां की मूर्ती या फोटो के आगे “ऊं लक्ष्मी नारायणाय नमः” मंत्र का रोज़ तीन माला जाप स्फटिक माला पर करें.इसे शुक्ल पक्ष के गुरूवार से ही शुरू करें तथा तीन महीने तक हर गुरूवार को मंदिर में प्रसाद  चढांए और विवाह की सफलता के लिए प्रार्थना करें.

शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार को सात केले, सात गौ ग्राम गुड़ और एक नारियल लेकर किसी नदी या सरोवर पर जाएं.अब कन्या को वस्त्र सहित नदी के जल में स्नान कराकर उसके ऊपर से जटा वाला नारियल ऊसारकर नदी में प्रवाहित कर दें तथा इसके बाद थोड़ा गुड़ व एक केला चंद्रदेव के नाम पर व इतनी ही सामग्री सूर्यदेव के नाम पर नदी के किनारे रखकर उन्हें प्रणाम कर लें फिर थोड़े से गुड़ को प्रसाद के रूप में कन्या स्वयं खाएं और शेष सामग्री को गाय को खिला दें.इस टोटके से कन्या का विवाह शीघ्र ही हो जाएगा.

शादी वाले दिन से एक दिन पहले एक ईंट के ऊपर कोयले से “बाधायें” लिखकर ईंट को उल्टा करके किसी सुरक्षित स्थान पर रख दीजिये और शादी के बाद उस ईंट को उठाकर किसी पानी वाले स्थान पर डाल कर ऊपर से कुछ खाने का सामान डाल दीजिये. विवाह के समय और विवाह के बाद में वर/वधु के दाम्पत्य जीवन में बाधायें नहीं आयेंगी. यह काम वर वधु या उनके घर का कोई भी सदस्य कर सकता है लेकिन यह काम बिल्कुल चुपचाप करना चाहिए.
आपको क्या नहीं करना चाहिए

बृहस्पति, शुक्र, बुद्ध और सोम इन वारों में विवाह करने से कन्या सौभाग्यवती होती है. विवाह में चतुर्दशी, नवमी इन तिथियों को त्याग देना चाहिए.

विवाह के पश्चात एक वर्ष तक पिण्ड.दान,मृक्ति का स्नान, तिलतर्पण, तीर्थ.यात्रा,मुण्डन,प्रेतानुगमन आदि नहीं करना चाहिये.

यदि किसी युवक के विवाह में परेशानियां आ रही हैं तो वह भगवान श्री गणेश को पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं तो उसका विवाह भी जल्दी हो जाता है.

        विवाह योग्य कन्या या पुरुष को प्रत्येक गुरुवार को नहाने वाले पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करना चाहिए. केशर का उपयोग किया जा सकता है.
        गुरुवार को गाय को दो आटे के पेडे पर कुछ हल्दी लगाकर, थोडा गुड़ और चने की गीली दाल का भोग देना चाहिए.
        कभी भी वृद्ध व्यक्तियों या महिलायों का असम्मान न करें और हमेशा उनका सम्मान और मदद करें.
        गुरुवार को केले के पेड़ के सामने गुरु के 108 नामों का उच्चारण के साथ घी का दीपक जलाएं और जल अर्पित करें.
        यदि किसी कन्या की जन्मकुंडली में मांगलिक योग के कारण बाधा आ रही हो तो कन्या को मंगल चंडिका स्त्रोत का पाठ मंगलवार को और शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें.

बुधवार के दिन एक गणेश जी की पीतल की छोटी मूर्ति लाएॅ और उसे एक थाली मे बीचो-बीच रखकर उसे पंचामृत से स्नान कराएॅ और उस मूर्ति के सम्मूख 21 बार ’’ओम् गं गणपतयै नमः ’’ मंत्र पढकर इस द्रव को पीपल के वृक्ष में चढा दें।
2. शुक्रवार के दिन थोडे से चावल ले और एक बेसन का पीड़ा बनाकर उसमें चावल डालकर मिला दें और किसी भी गाय को खिला दें।
3. एक तुलसी का पौधा लाएॅ, उसे गमले मे लगाएॅ ओर उसके पास एक अलग गमले मे केले का पौधा लगाएॅ और रोज शाम को दोनो गमलों मे घी का दीपक करें और श्री सूक्तम् और पुरूश सूक्तम् पाठ करें। (यह उपाय पूर्णिमा से प्रारम्भ करे और फिर रोज करें)
4. जिन जातको के विवाह की बात बहुत समय से नहीं बन रही अथवा बात होकर बीच मे ही रूक जाती है उन्हे विष्बावासू गंर्धव मंत्र के पाठ करने चाहिए अथवा घर मे विष्ववासू पूजन करना चाहिए। (यह उपाय स्त्रियाॅ भी कर सकती है।)
5. मंनवाछित प्रेमिका Love प्राप्ति के लिए अनामिका मे पाॅच से छः से रती का फिरोजा रविपुष्य नक्षत्र के दिन धारण करें।
एक छोटा स्फटिक का शिवलिंग लाएॅ और उसें गंगाजल से शुद्ध करकें मंदिर मे स्थापित करे और प्रत्येक सोमवार को घी से शिवलिंग का अभिषेक करें ओर रोज शिव पंचाक्षर स्तोत्र का पाठ करें तथा शिवलिंग से गिरे घी को किसी दीपक मे डालकर दीपक जलाएॅ और उसे तुलसी के पौधे मे रख दें। (यह उपाय शुक्ल पक्ष के सोमवार से आरंभ करें।)
7. जिस घर मे शादी होने वाली हो उस घर से प्रार्थना करके गणेश जी की फोटो या मूर्ति माॅगे और उस मूर्ति को अथवा फोटो को अपने घर के मंदिर में ले  जाकर कटोरी जिसमें मूॅग भरी हो मे दबाकर रख दें ओर उसके सम्मूख इस भाव से धूप करे कि जब आपकी वैवाहिक समस्या दूर हो जायेगी तो आप उस भगवान गणेश की फोटो या मूर्ति को पूनः निकार अपने मंदिर मे आदरपूर्वक लगा देगें और रोज धूप आदि करेंगे। यह बहुत ही सूगम और कारगर टोटका है। भगवान् गणेश जल्दी ही आपकी इच्छा पूर्ण करेंगे।
8. बुधवार के दिन ग्यारह लड्डु घर पर लाएॅ। उन्हें एक थाली मे रखें और उनको भगवान् श्री गणेश के सम्मुख रखकर ’’ ओम् गं गणपतयै नमः ’’ का जाप 108 बार करें और फिर 1-1 लड्डु कुंवारी कन्याओं को खिला दें।
9. मंगलवार के दिन एक राम और सीता अथवा विष्णु लक्ष्मी की तस्वीर लाएॅ और उसें मंदिर में स्थापित कर रोज उनके सम्मुख निम्न मंत्र का 21 बार जाप करें- ओम् सृष्टिकर्ता मम् विवाह कुरू-कुरू स्वाहा
मंत्र  संस्कृत शब्दों का युग्म मात्र नहीं है अपितु इनके साथ मंत्र पाठ करने वाले व्यक्ति की मानसिक शक्ति, मंत्र की ध्वनयात्मक शक्ति, कामनाओं की तीव्रता आदि भी जुड़ी होती हैं| शीघ्र विवाह हेतु भी ज्योतिष शास्त्र में अनेक मंत्रों की विवेचना की गई है| यदि इन मंत्रों के पाठ में मन-प्राण-आत्मा से किया जाए तो फलीभूत न होने का प्रश्न नहीं उठता| शीघ्र विवाह हेतु कुछ प्रमुख मंत्र इस प्रकार हैं –

शीघ्र विवाह मंत्र – 1
शीघ्र विवाह मंत्र

शीघ्र विवाह मंत्र

दुर्गा सप्तशती से उद्धृत यह मंत्र युवकों के लिए है| नित्य स्नान के उपरांत इस मंत्र के 11 बार जाप से शीघ्र विवाह होता है तथा जैसी कामना हो वैसी वधू मिलती है|

शीघ्र विवाह के लिए मंत्र -2
शीघ्र विवाह के लिए मंत्र

शीघ्र विवाह के लिए मंत्र

पीतल से बनी गणेश जी की छोटी सी प्रतिमा बुधवार के दिन ले कर आएँ, गहरी थाली में पंचामृत स्नान करवाकर पंचोपचार विधि से पूजन करें| तदोपरांत 21 बार उक्त मंत्र का जाप करें| जाप के बाद पंचामृत पीपल के पेड़ में चढ़ा दें|

जल्दी विवाह के मंत्र – 3
जल्दी शादी करने का मंत्र

जल्दी शादी करने का मंत्र

सीता-राम अथवा लक्ष्मी-नारायण की प्रतिमा अथवा चित्र मंगलवार के दिन अपने घर में स्थापित करें| पंचोपचार विधि से पूजन के उपरांत उक्त मंत्र का 21 बार जाप करें| ऐसा निरंतर 21 मंगलवार तक करें|

जल्दी विवाह के लिए मंत्र:
जल्दी विवाह के लिए मंत्र

जल्दी विवाह के लिए मंत्र

अमुक के स्थान पर जिस लड़की/ लड़का का विवाह न हो रहा हो उसका नाम उच्चारित करें| सोमवार के दिन(सावन का सोमवार हो तो और भी अच्छा) शिव-पार्वती के विधिवत पूजन के पश्चात इस मंत्र का जाप खुद लड़का/लड़की अथवा उसके माता-पिता भी कर सकते हैं|

विवाह में बाधा दूर करने के मंत्र
विवाह में बाधा दूर करने के मंत्र

विवाह में बाधा दूर करने के मंत्र

सोमवार के दिन शिव मंदिर अथवा घर में स्थापित शिव विग्रह अथवा चित्र के समक्ष पाँच नारियल चढ़ाएँ तथा   उक्त मंत्र का 5 माला जाप करें| यह उपाय युवतियों के लिए है| इसके अतिरिक्त किसी शिव मंदिर “ऊं सोमेश्वराय नमः मंत्र उच्चारित करते हुए शिवलिंग को जल अर्पित करें तथा वहीं बैठकर रुद्राक्ष की माला लेकर एक माला इसी मंत्र का जाप करें| यह उपाय युवतियों के लिए है|

विवाह में विलंब/बाधा/रुकावट हटाने के उपाय

    शीघ्र विवाह हेतु अपनी सहेली अथवा रिश्तेदार द्वारा शादी में पहना गया जोड़ा कुछ देर के लिए पहन लें|
    गुरुवार के दिन अनार के पौधे की पूजा करें तथा उसका पुष्प शिव जी को अर्पित करें|
    गुरुवार अथवा शुक्रवार को केले की जड़ पीले कपड़े में बांध लें तथा ताबीज बनाकर धारण करें|
    युवक/युवती स्नान के जल में चुटकी भर हल्दी अथवा केसर मिलाकर स्नान करें| ऐसा करने से विवाह में आ रही बाधाएँ दूर होती हैं|
    12 सौ ग्राम चने की दाल और सवा लीटर कच्चा दूध सोमवार के दिन दान करें|
    विवाह योग्य लड़की किसी अन्य लड़की की मेंहदी के अवसर पर जाए तो दुल्हन के हाथों से अपने हाथों पर थोड़ी सी मेंहदी लगवा ले|
पूर्णिमा के दिन वट वृक्ष की 108 परिक्रमा करें|
विवाह में रुकावट आ रही हो तो शुक्रवार की रात आठ छुहारे उबाल लें तथा पानी सहित सिरहाने रखकर शयन करें| अगली सुबह उसे बहते हुए जल में बहा दें| इससे विवाह संबंधी बाधाएँ दूर होती हैं|
कन्या विवाह की कामना करते हुए गणेश जी को मालपूए का भोग लगाए तथा लड़के की शादी नही हो पा रही हो तो वह पीले रंग का मिष्ठान्न गणेश जी को अर्पित करे|
मांगलिक दोष के कारण विवाह में अड़चन आ रही हो तो मंगलवार के दिन चंडिका स्तोत्र का पाठ तथा शनिवार को सुंदर कांड का पाठ करें| इसके अलावा चांदी का वर्गाकार टुकड़ा सदैव अपने पास रखें|
सूर्य के कारण विवाह में विलंब हो रहा हो तो रिश्ते की बात चलाने के लिए अथवा प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए जाते समय गुड़ खाकर पानी पी लें| लड़का/लड़की की माँ को गुड़ खाना छोड़ दें| इसके अलावा नित्य उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दें व ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें| सूर्य दोष होने पर तांबे का वर्गाकार टुकड़ा भूमि में दबा दें|
यदि शनि के कारण विवाह में विलंब हो रहा हो, तो शनिवार के दिन शिवजी को कला तिल अर्पित करें|

विवाह में विलंब का कारण राहू हो तो शनिवार के दिन बहते हुए जल में एक नारियल प्रवाहित कर दें|
आठ की संख्या में मीठी रोटियाँ बनाए जो सिर्फ एक ओर से सिंकी हो हों, तथा उसे भूरे रंग के श्वान को खिला दें|
रिश्ते की बात चलने पर जब भी लड़का-लड़की को मिलवाया जाए उन्हें दक्षिण दिशा में बिठाएँ|
विवाह उम्र के लड़का/लड़की के बिस्तर के नीचे गंदगी अथवा कबाड़ न रखें|
गुरुवार के दिन गाय को दो रोटी के ऊपर गुड़ रख कर खिलाएँ|
शुक्रवार के दिन सफ़ेद तथा गुरुवारा के दिन पीला वस्त्र धारण करें|
विवाह योग्य लड़की सफ़ेद खरगोश पालकर उसे आपने हाथों से खिलाए|
शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से लेकर 45 दिनों तक यह उपाय करें| इस दिन खीर बनाकर उसमे तुलसी का पत्ता डालें व उदित चन्द्र को अर्पित करें| 45 दिन के पश्चात किसी एक कन्या को भोजन करवाएँ, नूतन वस्त्र व मेंहदी दान करें|

ग्रहों की चाल अनुकूल नहीं होने पर व्यक्ति को बहुत सी समस्यायों का सामना करना पड़ता है और विवाह में देरी भी उन्ही में से एक है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में ब्रहस्पति कमजोर है या वक्री है तो उसके विवाह में देरी होती है इसके अलावा भी कुछ कारण होते है जिनकी वजह से विवाह में देरी होती है। वे कारण निम्न है –

    जन्म कुंडली में बृहस्पति के कमजोर होने के कारण विवाह में देरी होती है।
    कुंडली में शादी के योग नहीं बनने के कारण शादी में बाधाएं आती है।
    कुंडली में दोष होने के कारण।
    ग्रहों के अनुकूल नहीं होने के कारण।
    कुण्डली में मांगलिक दोष होने की वजह से भी शादी में देरी होती है।

अगर आपका विवाह नहीं हो रहा है तो समझ लें की कुंडली में ये दोष हो सकते है। इसीलिए पहले इनका निवारण करें और उसके पश्चात् विवाह के उपाय करें।

    यदि किसी लड़के या लड़की की कुंडली में मांगलिक दोष है और उनकी शादी में देरी हो रही है तो उन्हें हर मंगलवार को चंडिका स्त्रोत्र का पाठ करना चाहिए।

    शादी के लिए शनिवार के दिन सुन्दरकाण्ड का पाठ करने से भी मांगलिक का विवाह शीघ्र हो जाता है।

    मांगलिक लड़के की जल्दी शादी कराने के लिए हर मंगलवार हनुमान जी के मंदिर जाकर घी का दीपक जलाए और उन्हें सिंदूर लगाये।

    कुंडली में मंगल की स्थिति खराब होने पर लड़का या लड़की अपने कमरे के दरवाजे का रंग लाल या गुलाबी करवा लें। इससे शादी जल्दी होगी।

    मांगलिक व्यक्ति को, प्रत्येक मंगलवार हनुमान मंदिर जाकर घी का दीपक जलाना चाहिए और उन्हें सिंदूर भी चढ़ाना चाहिए।
बृहस्पति, शुक्रवार, बुधवार और सोमवार को विवाह करने से कन्या सौभाग्यवती होती है। विवाह के लिए चतुर्दशी और नवमी तिथि को त्याग देना चाहिए।

2. विवाह के पश्चात् एक वर्ष तक पिंडदान, मुक्ति का स्नान, तिलतर्पण, तीर्थ यात्रा, मुंडन, प्रेतानुगमन आदि नहीं कराना चाहिए।

3. लड़के की शादी में देरी होने पर वह भगवान् गणेश को पीले रंग की मिठाई का भोग लगावे। उनका विवाह शीघ्र हो जाएगा। ये उपाय तब तक करें जब तक विवाह न हो जाए।

4. शिव-पार्वती का पूजन करने से भी विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती है। इसके लिए प्रतिदिन शिवलिंग पर कच्चा दूध, बेल पात्र, अक्षत और कुमकुम आदि चढ़ाकर विधिवत पूजा करें।

5. जिन लोगों की आयु विवाह योग्य हो चुकी हो लेकिन फिर भी विवाह में देरी हो रही हो तो उन व्यक्तियों को शुक्रवार की रात्रि में आठ छुआरें जल में उबालकर जल के साथ ही अपने सोने वाले स्थान के सिरहाने पर रख कर सोयें और शनिवार की प्रातः स्नान करने के बाद किसी भी बहते जल में उन्हें प्रवाहित कर दें।

6. गुरुवार को केले के वृक्ष में जल अर्पित करके शुद्ध घी का दीपक जलाएं। उसके बाद गुरु के 108 नामों का उच्चारण करते हुए पूजन करें। जीवनसाथी की तालाश जल्द पूरी होगी।

कन्या के विवाह में रुकावटें आने पर वे कन्या पूजा वाले 5 नारियल ले और उन्हें भगवान शिव की मूर्ति या फोटो के आगे रखकर “ऊं श्रीं वर प्रदाय श्री नामः” मंत्र का पांच माला का जाप करें। और फिर पांचो नारियल को शिव के मंदिर में चढ़ा दें। विवाह में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी।

8. जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही है उन्हें गुरुवार को गाय को दो आटे के पेडे पर थोड़ा हल्दी लगाकर खिलाना चाहिए। उसके साथ ही थोडा सा गुड़ व् चने की पीली दाल का भोग लगाना चाहिए। यह उपाय तब तक करना चाहिए जब तक विवाह संपन्न न हो जाए।

अगर किसी व्यक्ति के विवाह में बार-बार अडचने आ रही है और कई उपाय करने के बाद भी विवाह नहीं हो रहा है तो इन उपायों का प्रयोग करके विवाह सम्पन्न किया जा सकता है।

    जल्दी शादी होने के लिए आपने अगर किसी वशीकरण मंत्र का इस्तेमाल किया है तो जरूर आपकी शादी जल्दी हो जाएगी | वशीकरण का इस्तेमाल करते समय आपने आपके प्रेमीका को आपके वश में करना चाहिए, प्रेमिका को वश में करने से वह आपसे शादी करने के लिए इनकार नहीं करेगी |
    बचपन से अगर आपको कोई लड़की अच्छी लगती है तो आपने अपने दिल की बात उससे कह देनी चाहिए, अगर आप अपने दिल की बात उस लड़की से शेयर नहीं कर सकते हो तो आपकी शादी होना नामुमकिन है |
    शादी यह ऐसी बात है जो जिंदगी में बहुत ज्यादा इंपोर्टेंट होती है, शादी होने से हमारे लाइफ में हमें पार्टनर मिल जाता है जिससे जिंदगी भर हम खुश रह सकते हैं, इसलिए हर किसी को लगता है कि उसकी शादी जल्द से जल्द हो |
    जो लड़की आपको अच्छी लगती है उससे आपने धीरे-धीरे पहचान करनी चाहिए, अगर आप लड़की से बात करते वक़्त डरते हो तो आपने मन में कोई भी डर ना रखते हुए बिंदास लड़की से बात करनी चाहिए | पहले पहले जब आप लड़की से बात करोगे तो वह लड़की भी आपसे बात नहीं करेगी, क्योंकि कोई भी लड़की अनजान लड़के से खुलकर बात नहीं करती है |
    लेकिन जब आपकी प्रेमिका आपसे बात करने लगेगी तब वह भी आपसे प्यार करने लगेगी, आपने हमेशा आपके प्रेमिका से ऐसा बर्ताव करना चाहिए जिससे वह हमेशा आपकी तरफ अट्रैक्ट हो |
    ऐसा करते करते १ दिन आपने आपकी प्रेमिका को प्रपोज कर देना चाहिए, यह सब तरीके अपनाकर आप प्रेमिका को प्रपोज करोगे तब आपकी प्रेमिका आप को हा कहेगी |

मंगल दोष लड़के लड़कियों के लिए जल्दी शादी करने का इलाज आज हम आपको बताएँगे इन टोटके के इस्तमाल से आप अपनी शादी जल्दी होने में सफल हो जाएंगे|

    मांगलिक लड़का और मांगलिक लड़की के शादी जल्दी होने के लिए आपको हर मंगलवार को चंडिका स्त्रोत्र का पाठ करने से लाभ जरुर होगा|
    शनिवार के दिन आपको सुन्दर काण्ड का पाठ करने से मांगलिक की शादी जल्दी होने में फायदा होता है|
    मांगलिक लडके की शादी जल्दी होने के लिए हर मंगलवार को हनुमान मंदिर में जाकर एक घी का दीपक जलाकर हनुमान जी पर सिंदूर लगाने से मांगलिक लडको की शादी जल्दी होती है|
    मंगली मतलब मंगल दोष हुए लड़के लड़की को अपने रूम के कमरे के दरवाजे का रंग लाल या गुलाबी रंग रखने से शादी जल्दी होने में मदत होती है|
    अगर आप मांगलिक हैं, तो हर मंगलवार को हनुमान मन्दिर में घी का दीपक जलाएँऔर हनुमान जी पर सिंदूर चढ़ाएं|

दोस्तों अगर आपकी जल्दी शादी नहीं होती है तो आपने चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है | क्योंकि बहुत सारे लड़के ऐसे होते हैं जिनकी उम्र ३५-४० साल हो जाती है लेकिन फिर भी उनकी शादी नहीं होती है | दोस्तों शादी होना पूरी तरह से भगवान निश्चित करता है, बहुत सारे लोगों का कहना होता है कि लड़की की शादी होती नहीं है तो आपने विविध भगवानों की पूजा करनी चाहिए, दोस्तों आपने इन अंधश्रद्धा ओ पर कभी भी विश्वास नहीं रखना चाहिए, आपने हमेशा सब्र रखना चाहिए |

अगर शादी नहीं होती है तो बहुत सारे लड़के सुसाइड कर लेते हैं, दोस्तों आपने कभी भी ऐसे डिसीजन नहीं लेने चाहिए जिससे आपके फैमिली को और आपको परेशानियों का सामना करना पड़ेगा | आज हम देखेंगे जल्दी शादी होने के उपाय |

    अगर आपकी शादी जल्दी नहीं होती है तो आपने नहाने के पानी में हल्दी मिलाकर इस पानी से नहाना चाहिए जिससे आपकी जल्दी शादी होगी |
    अगर आपको ऐसा लगता है कि आपकी शादी जल्दी हो तो आपने सोमवार के दिन १२५० ग्राम पीली दाल और आधा लीटर कच्चा दूध किसी गरीब को दान कर देना चाहिए, जिससे आपकी शादी होने के चांसेस बढ़ जाते हैं |
    जब भी आप आपके रिश्तेदार के शादी में जाते हो तब आपने उस रिश्तेदार के मेहंदी के प्रोग्राम में शामिल होना चाहिए, खासकर लड़कियों ने मेहंदी के रस्म में शामिल होना चाहिए, मेहंदी के रस्म में शामिल होना शुभ माना जाता है, जिससे आपका विवाह जल्द हो सकता है |
    अगर आपकी शादी नहीं होती है तो आपने रात को सोते समय आपके बिस्तर के नीचे लोहे का रॉड बिल्कुल नहीं रखना चाहिए |
    हर गुरुवार को अगर आप आपके गुरु की पूजा और गुरु का व्रत करते हो तो आपका विवाह जल्द हो सकता है, गुरुवार को आपने आपके गुरु से मिलकर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए |
    गुरुवार के दिन केले के वृक्ष की पूजा करें, केले के वृक्ष की पूजा करते समय आपने केले का सेवन नहीं करना चाहिए, केले के रुक्ष की पूजा करने से आपका विवाह जल्द से जल्द हो सकता हें |
    जल्दी शादी ना होने पर आपने हर रोज १०८ बार ओम नमः शिवाय का जाप करना चाहिए, ओम नमः शिवाय का जाप करते समय आपने रुद्राक्ष की माला की मदद लेनी चाहिए जिससे आपके शादी में आने वाली बाधा दूर हो जाएगी |
माता दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होना, जीवन के प्रत्येक कार्य के मध्य आने वाली बाधाओं को दूर कर सकता है।

माता दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होना, जीवन के प्रत्येक कार्य के मध्य आने वाली बाधाओं को दूर कर सकता है। जो व्यक्ति विवाह की कामना कर रहे हैं उन सभी को प्रतिदिन प्रात: काल में स्नानादि कार्यों से निपटने के बाद नीचे दिए गए मंत्र का कम से कम 11 बार जाप करना चाहिए। ऐसा करने पर जातक की कामना शीघ्र पूर्ण होती है और व्यक्ति शीघ्र ही वैवाहिक जीवन में प्रवेश करता है।

पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्।
तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम।।
भगवान श्रीगणेश को विघ्न निवारक कहा गया है। श्री गणेश जी का दर्शन-पूजन सदैव शुभदायक होता है। विवाह में देरी की स्थिति होने पर विवाह योग्य युवक बुधवार के दिन पीतल धातु से निर्मित एक छोटी सी प्रतिमा खरीदकर घर लाएं। प्रतिमा को पीतल की गहरी थाली में रख, उसका पंच्चोपचार व पंचामृत से पूजन करें। धूप, दीप और फूल से पूजन करने के पश्चात इसके सम्मुख प्रतिदिन नीचे दिए मंत्र का कम से कम २१ बार जाप करें। जाप करने के पश्चात थाली का पंचामृत निकट के किसी पीपल के पेड़ पर चढ़ा दें।

ओम गं गणपतयै नम:
भगवान श्री राम और माता सीता की जोड़ी सभी के लिए प्रेरणादायी है। मंगलवार के दिन यदि विवाह कामना से इनकी पूजा की जाए तो निश्चित रुप से मनोकामना पूर्ण होती है। इसके लिए आपको यह करना है कि मंगलवार के दिन देवी सीता और राम जी या लक्ष्मी नारायण की प्रतिमा अथवा चित्र को घर के मंदिर में स्थापित कर, विधि विधान से पूजन करें तथा साथ ही यहां दिए गए मंत्र का 21 जाप भी अवश्य करें। ऐसा लगातार 21 मंगलवार तक करें। 21 मंगलवार तक यह उपाय करते समय मन में आस्था और विश्वास अवश्य बनाए रखें।
ॐ सृष्टिकर्ता मम विवाह कुरु कुरु स्वाहा


    शाबर मंत्रों से भी कार्य में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सकता है। जिन लड़कियों या लड़कों का विवाह प्रयास करने पर भी तय नहीं हो रहा हो तो, इस मंत्र का जाप करें। दिए गए मंत्र का जाप करने के साथ-साथ भगवान शिव-पार्वती का दर्शन पूजन भी करें। यदि यह उपाय लड़की/लड़का स्वयं न कर पायें तो इसके स्थान पर इनके माता-पिता भी यह उपाय कर सकते हैं।
    शीघ्र और पूर्ण फल प्राप्ति के लिए इस उपाय के लिए श्रवण माह के सोमवार के दिन का चयन करना अतिउत्तम रहता है।
    गौरी आवे, शिव जो ब्यावे, अमुक का विवाह (अमुक के स्थान पर जिस लड़की/ लड़का का विवाह न हो रहा हो उसका नाम उच्चारित करें) तुरंत सिद्ध करें, देर न करें, जो देर होए, तो शिव को त्रिशूल पड़ें, गुरु गोरखनाथ की दुहाई फिरै।
    सोमवार के दिन प्रात:काल में भगवान शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव की उपासना करें। देव के सम्मुख पांच नारियल चढ़ाएं तथा ऊं सोमेश्वराय नम: मंत्र का 5 माला जाप रुद्राक्ष की माला पर करें। जाप करते हुए भगवान शिव का जलाभिषेक करें। यह उपाय विशेष रुप से महिलाओं के लिए उपयोगी है।

 हम आशा करते हैं कि दिए जा रहे इन उपायों की सहायता से आप अपने उद्देश्य को सार्थक करने में सफल रहेंगे !

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