मिश्रित फल प्रश्नोत्तरी
मिश्रित प्रश्नोत्तरी
इस अध्याय में गुप्त प्रश्नों (जो आप किसी को बतलाना नहीं चाहते ) के उत्तर जानने की अनेक सरल रीतियों की चर्चा करेंगे। व्यक्ति अपने प्रश्नों के उत्तर को जानना चाहता है। लेकिन अपने प्रश्नों को गुप्त रखना चाहता है। इस परिस्थिति में वह ऐसी सरल विधियों को जानना चाहता है जिससे सहज में मन में उठने वाले गुप्त प्रश्न का उत्तर जाना जा सके
आईए अब एक-एक करके प्रत्येक रीति को ध्यान से समझकर अपने मन की शंकाओं का समाधान खोजें ।
मन में इष्टदेव का स्मरण करके उपर्युक्त यन्त्र में तर्जनी अंगुली रखें और फिर अंगुली वाले कोष्ठक में अंकित अंक को लिख लें।
अंकानुसार प्रश्न का फल निम्नप्रकार समझना चाहिए-
अंक. फल
1 - कार्य बन जायेगा, प्रयास करें।
2 -आप के प्रयासों से सफलता अवश्य मिलेगी।
3 - कार्य-सिद्धि शीघ्र होगी ।
4 - प्रश्न सामान्य है, सफलता पूर्णतः नहीं मिलेगी।
5 - प्रश्न उत्तम है, कार्य बन जायेगा।
6 - सफलता अवश्य मिलेगी ।
7 - कार्य बन जायगा ।
8- कार्य बनने में सन्देह है।
9 - कार्य विलम्ब से बन जायेगा ।
10-कार्य में सफलता का योग बनेगा
11- स्त्री या मित्र के सहयोग से कार्य बनेगा।
12- प्रश्न नेष्ट है, विफलता ही होगी ।
13 - कार्य के बनने में अनेक बाधाएँ आयेंगी
14 - प्रश्न उत्तम है, कार्य बन जायेगा
15 - थोड़े से प्रयास से सफलता मिल जायेगी।
16 - सफलता मिलने में सन्देह है।
17 - पहुँच है तो काम बनेगा, अन्यथा नहीं ।
18 - कोशिश करने पर ही सफलता संभव है।
19 - सफलता की संभावना नहीं है ।
20 - सफलता मिल जायेगी, हाथ पर हाथ रखकर न बैठे