कुण्डली में विफल तत्व (निष्फल ग्रह) ग्रहों के उपाय

कुण्डली में विफल तत्व (निष्फल अस्त  ग्रह) ग्रहों के उपाय -

1. सूर्य के साथ चन्द्र फल नहीं देता इसलिए निम्न उपाय :
(1) ग्रहण के दिन (चन्द्रगण) अपने बराबर वजन के चावल दान
करें।
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( 2 ) पूर्णिमा के चन्द्र उदय के समय केसरयुक्त खीर अर्पित कर स्वयं
सेवर करें।
(3) वैशाखी पूर्णिमा को 11 लड्डू के ऊपर चांदी के चाँद बनवाकर
लड्डुओं पर रख सुहासिनियो या ब्राह्मण को दान करें।
3. चतुर्थ स्थान में बुध फल देने में असमर्थ है। अकाल फल देने में
विफल ।
उपाय - ( 1 ) उचिष्ट गणपति की पूजा करें।
(2) बुधवार के दिन 11 खजुर व 11 ईख के टुकड़े गणपति को हर
बुध को भोग चढ़ावें ।
( 3 ) हेरम्भ गणपति का पूजन कर गुड़ के मालपुये भोग लगावें ।
4. गुरू पंच में निष्फल :
उपाय- (1) हजारे के पुष्प विष्णु भगवान को चढ़ावें ।
(2) गुरु पूर्णिमा के दिन गुरू को पीला पीताम्बर (वस्त्र) भेंट करें।
( 3 ) विष्णु सहस्त्रनाम की आहुतियां लगावे।
( 4 ) त्रिपंडी करावें ।
(5) चने की माला ( गुरू मूर्ति या विष्णु भगवान को गुरूवार दिन
पहनावें )
मंगल दूसरे स्थान में निष्फल होता है -
उपाय - ( 1 ) मंगल स्तोत्र का पाठ करें।
(2) तांबा का कड़ा पहनें।
( 3 ) आलू बुखारा मंगल के दिन स्वयं सेवन करें।
(4) शहद का मालपुआ बनाकर स्वयं सेवन करें।
(5) पाँच सेव मिट्टी के बर्तन में लेकर हनुमान को अर्पित करे तथा
गुलाब की माला पहनावें ।
शुक्र छटे स्थान में फल नहीं देता (निष्फल रहता है ) -
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उपाय - ( 1 ) सफेद मोर को जाकर चने खिलावें या अन्य मोर को ।
(2) दो मोरों का चित्र श्यन कक्ष में लगावें ।
(3) श्रीसुक्त का पाठ करें।
(4) चक्रेश्वरी देवी का पूजन करें।
(5) पहले पार्वती का पूजन कर फिर शहद से स्फटिक लिंग पर
अभिषेक करें। तथा पांचवे अध्याय में लक्ष्मी सूक्त का सम्पुट अवश्य
करें।
शनि सातवें निष्फल होता :
उपाय - ( 1 ) पाँच पीपल के पत्तों पर 11-11 उड़द रखे उस पर सिन्दूर
चढ़ावें तथा फिर 1-1 इमरती या जलेबी चढ़ावें। फिर शनि भगवान के
चढ़ावें या गंगा में बहा देवें ।
(2) मकर संक्रांति के दिन तेल में दाल के बड़े बनाकर व उड़द का
हलवा बनाकर खिलावें ।
(3) काले कपड़े की ध्वजा बनाकर शनि भगवान को चढ़ावें ।
(4) शिवरात्री पर शिव पर कोईली के पुष्प चढ़ावें ।

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