नित्य जप हेतु भगवान विराट वैश्वानर के १०८ नामावली
नित्य जप हेतु भगवान विराट वैश्वानर के १०८ नामावली
जप में नमः के स्थान पर स्वाहा से यज्ञ और स्वधा से तरपण कर सकते है
ॐ आत्माराय नमः ॐ परमात्माय नमः ॐ० गुरुदेवाय नम: ॐ० माँतृरुपायनमः ॐ पितृरुपाय नमः ॐ जगतपिताय नमः ॐ कुलदेवाय नमः ॐ इष्टदेवायनमः ॐ आधारशक्तये नमः ॐ ब्राह्मणे नमः ॐ लक्ष्मी नारायणाय नमः ॐउमामहेश्वराय नमः ॐमतस्याय नमः ॐ कूर्माय नमः ॐ वाराहाय नमः ॐनृसिंहाय नमः ॐ वामनाय नमः ॐ परशुरामाय नमः ॐ रामचन्द्राय नमः ॐकृष्णचन्द्राय नमः ॐ बुद्धरुपाय नमः ॐकल्किरुपाय नमः ॐ वेदाधिपतियेनमः ॐ पुराणाय नमः ॐ ऋषिये नमः ॐ सन्ताय नमः ॐ अमृताय नमः ॐज्ञानाय नमः ॐ त्रिमूर्तिये नमः ॐ विद्याधराय नमः ॐ कालाय नमः ॐमहाकालाय नमः ॐ यमाय नमः ॐ दण्डाय नमः ॐ दिगपालाय नमः ॐक्षेत्रपालाय नमः ॐ गोरक्षकाय नमः ॐ त्रिनेत्राय नमः ॐ त्रिकालदर्शीये नमःॐचतुरयुगाय नमः ॐमोक्षाय नम: ॐ राधाकृष्णायै नम: ॐसीतारामायै नमःॐ उमापतिये नम: ॐ गणाध्यक्षाय नम: ॐ दिनमणीये नम: ॐ महाज्ञातायनमः ॐ विराटाय नमः ॐ चक्राय नमः ॐ शंखाय नमः ॐ समुद्रवसिन्यै नमःॐशेषनागाय नमः ॐ प्राणीये नमः ॐ प्राणनाआय नम: ॐमकराय नम: ॐकर्ककाय नम: ॐ पुरोहिताय नमः ॐ राजाय नम: ॐ शासकाय नम: ॐसर्वसुन्दराय नम: ॐ महाबलपराक्रमाय नम: ॐ पितृराय नम: ॐ देवाय नम:ॐ देवाधिपतिये नमः ॐ जलाय नमः ॐ थलाय नमः ॐ पवनाय नमः ॐपवित्राय नमः ॐपुण्डरिकाक्षाय नमः ॐ माधवाय नमः ॐ केशवाय नमः ॐगोविन्दाय नम: ॐ ऋषिकेशाय नम: ॐ अचुत्याय नम: ॐकवचाय नमः ॐमहामुनिये नम: ॐ सप्तचिरन्जीवीये नमः ॐ यज्ञाय नम: ॐ यज्ञमानय नमः ॐयज्ञकर्ताय नमः ॐ गंगाधराय नमः ॐ विश्वम्भराय नमः ॐ मित्राय नमः ॐजटाधराय नम: ॐहवाय नम: ॐकवायाय नम: ॐशुद्धाय नम: ॐ मूलप्रकृतेनम: ॐ भास्कराय नम: ॐ चन्द्रशेखराय नम: ॐ मंगलकाय नमः ॐ बुधायनमः ॐ बृहस्यतिये नमः ॐ भृगुंवशाय नमः ॐ शनिश्चराय नमः ॐ राहुवे नमःॐ केतुव नमः ॐ वसन्ताय नमः ॐ अनपूर्णायनः नमः ॐ श्रेष्ठाय नमः ॐजेष्ठाय नम: ॐ श्रवणाय नम: ॐ उग्राय नम: ॐशान्ताय नमः ॐ कार्तिकायनम: ॐ मघाय नम: ॐ इन्द्राय नम: ॐ वज्राय नमः
॥ॐ शान्ति ॥ ॐ शान्ति ॥ ॐ शान्ति॥
|इति नामावली॥