नवग्रहों के अनिष्टनाशक उपाय

    नवग्रहों के अनिष्टनाशक उपाय

    सूर्य• सूर्य अशुभ हो तो प्रातः उगते सूरज को अर्ध्य दें। प्रतिदिन सूरज निकलनेके बाद कम-से-कम 18 बार सूर्य नमस्कार करें। इं्र देवता का पूजन
    श्वेत पुष्प चढ़ाकर करें।
    सूर्य को शुभ फलदायी बनाने के लिए तांबे (धातु) की बनी चीजें-लोटा,
    थाली तथा गेहूं का दान ब्राह्मण को दें।
    सूर्य अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो एक ही वजन के तांबे के कुछ चौकोरटुकड़े करें। उनमें से एक टुकड़ा सदैव अपने घर में रखें। बाकी टुकड़ेजमीन में गाड़ दें। घर में तांबे का टुकड़ा ऐसी जगह रखें कि किसी कीनजर न पड़े। घर में रखा हुआ यह तांबे का टुकड़ा खो जाए तो दूसराबनवा लें।
    चंद्र
    सूर्य की अनुकूलता के लिए गुड़ का दान करें। गाय को गुड़ खिलाएं।प्रतिदिन काम के लिए घर से बाहर निकलने पर छोटी-सी गुड़ की डलीखाकर पानी पीएं और फिर घर के बाहर प्रस्थान करें।
    चंद्र की अशुभता को दूर करने के लिए शिवजी की उपासना करें। सोनेएवं बैठने के लिए मृगचर्म का उपयोग करें।
    चंद्र को अनुकूल करने के लिए चावलों की खीर बनाकर कन्याओं कोखिलाएं। खौर में केसर न डालें। स्वयं दही का भोजन करें।
    चंद्र की चीजें चावल, श्वेत मोती, चांदी का दान करें। स्वयं चांदी केआभूषण शरीर पर धारण करें।
    यदि माता या पुत्र पर चंद्र का अशुभ प्रभाव पड़ता हो तो मां और पुत्र केगले में चांदी का टुकड़़ा पहनाएं।
    चंद्र ग्रह के मित्र ग्रहों की चीजें भी अपने पास रखें।
    चंद्र के उपाय के लिए दूध में चावल भिगोकर चांदनी में रखें।
    मंगल
    मंगल अशुभ हो तो गद्दे पर न सोएं।
    मीठी पूरियां बनाकर पहले गाय को खिलाएं बाद में भिखारियों में बांटें।
    जौ को दूध में भिगोकर पीस लें। उनमें शक्कर मिलाकर गोलियां बनाएंऔर प्रात: तालाब पर जाकर मछलियों को खिलाएं।
    सुहागिन स्त्रियों को लाल कपड़े का दान करें। बच्चों को रेवड़ियां बांटें।
    हनुमानजी की उपासना करें। नित्य सुबह हनुमान चालीसा पढ़े। मंगलका व्रत रखें। चूरमे के लड्डुओं का भोग लगाएं और व्रत खोलने केसमय स्वयं भी खाएं।
    मसूर की दाल और घी का दान करें।
    हनुमानजी की प्रतिमा को घर में स्थापित करें।
    बुध का उपाय करके प्रसन्न करें।
    मौठी रोटियां बांटें या गाय को खिलाएं।
    बुध
    यदि बुध अशुभ होकर अनिष्ट प्रभाव देता हो तो दुर्गा मां की उपासनाकरें। प्रसन्नचित्त होकर दुर्गा सप्तशती का नित्य पाठ करें।
    मूंग की दाल दान करें।
    बुध के अशुभ होने पर बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है। इसके लिए सीपों कोइकट्ठा करके किसी साफ-सुथरे स्थान पर उन्हें स्थापित करें और रोजउनकी फल-पुष्पों से पूजा करें।
    बुध के अनिष्ट प्रभाव की निवृत्ति हेतु गाय की सेवा करें।
    बुध के उपाय के लिए चांदी के पत्तर में छेद कर जल में प्रवाहित करें।
    बृहस्पति
    बृहस्पति प्रतिकूल या अनिष्ट हो तो पूर्णमासी को सत्यनारायण भगवानकी पूजा करें और व्रत रखें। गुड़-चने का प्रसाद बांटें और एक समयभोजन करें। मीठे केसरिया चावल बनवाकर खाएं।
    बृहस्पति की अनुकूलता के लिए सोना, गुड़ एवं चने का दान करें। केले केपौधे को जल से सींचें। उसकी जड़ में शुद्ध घी का दीपक प्रज्ज्वलित करें।
    बृहस्पति यदि अशुभ फल दे रहा हो तो स्वर्णाभूषण धारण करें।
    बृहस्पति के उपायस्वरूप चंदन का तिलक स्वयं करें। केसर जीभ पररखें।
    शुक्र
    शुक्र को अनुकूल बनाने के लिए गाय की सेवा करें। भोजन से पहलेगो-ग्रास निकालें।
    * शुक्र यदि अशुभ प्रभाव डाल रहा हो तो भैरव की उपासना करें। कृष्णपक्ष की प्रथम रात्रि को उपासना प्रारंभ करें।
    श्वेत मोती, दूध, दही, खीर का दान करें।
    शुक्र को शुभ बनाने के लिए श्वेत मोगरे के पुष्यों का पौधा घर में दाईओर के हिस्से में लगाएं। हर पूर्णिमा के दिन उसे जल से सींचें। श्वेतसुगंधित पुष्पों से मां सरस्वती का पूजन करें।
    शुक्र ग्रह से सहायता प्राप्त करने के लिए सुबह-शाम भोजन से पूर्वभोजन का कुछ हिस्सा गाय को खिलाएं।
    शुक्र के मित्र ग्रहों से संबंधित चीजें अपने पास रखने से भी शुक्र काशुभ प्रभाव प्राप्त होता है।
    शनि
    शनि अशुभ होने पर तेल का दान करें। शनि संतान के विषय में विपरीतअसर दे रहा हो तो कुंआरी कन्याओं को भोजन कराएं।
    लोहे की अंगूठी मध्यमा में धारण करें।
    शनि अशुभ हो तो गाय की सेवा करें। नित्य उसे नहलाएं। चारे के साथउसे ज्वार भी खिलाएं। बुजुगों का आशीर्वाद लें।
    शनि को प्रसन्न करने के लिए गरीबों को काले कंबल सामर्थ्यानुसारबांटें। तेल, लोहे की चीजें एवं साबुत उड़द का दान करें।
    शनि की दशा-अंतर्दशा चल रही हो और वर्षफल में शनि का बुराप्रभाव हो तो लोहे का एक टुकड़ा तेल में भिगोकर लोहे के किसी पात्रमें रखें। उसकी दाई ओर काला नमक रखकर उसका पूजन करें।
    शनि की सहायता प्राप्त करने के लिए तेल में तली हुई पूरी-कचौड़ीगरीबों को एवं भिखारियों को खिलाएं। इन उपायों से धन-धान्य कीहानि नहीं होगी।
    शनि अशुभ हो तो उसके पीछे के ग्रह केतु का प्रभाव बढ़ाने से शनि-राहुदोनों शुभ हो जाते हैं।
    प्रतिदिन काले कुत्ते को भोजन की थाली में से रोटी का एक टुकड़ाखिलाएं।
    • तेल में लोहे का टुकड़ा डालकर दान करने से शनि का दुष्प्रभाव दूरहोगा।
    राहु
    * राहु अशुभ हो तो केतु को प्रसन्न करने का उपाय करें। केतु की नाड़ीदसवें घर में होती है।
    राहु की अशुभता को दूर करने के लिए श्वेत वस्त्र धारण करके मांसरस्वती की उपासना करें। किसी कन्या के विवाह में धन देकर सहयोगकरें।
    सरसों का तेल एवं काले तिल दान में दें।
    राहु अशुभ फल देता हो तो चंद्र को प्रसन्न करने का उपाय करें।
    राहु का अशुभ प्रभाव कम करने के लिए जौ के आटे की गोलियांबनाकर बहते पानी में प्रवाहित करें।
    राहु के उपाय के लिए कुत्ते को मीठी रोटियां खिलाएं।केतु
    केतु अशुभ हो तो राहु का उपाय करें। पापी ग्रहों की चीजें अपने पासरखें।
    केतु के प्रभाव को सुधारने के लिए गणेशजी की उपासना करें। चूहों कोमिष्ठान्न खिलाएं। गोदान करें।
    श्वेत-श्याम पत्थरों को घर में स्थापित करें।
    केतु की सहायता प्राप्त करने के लिए रात के वक्त कुत्ते को मीठी रोटीखिलाएं।
    कुछ कोयले बहते पानी में प्रवाहित करने से भी केतु को प्रसन्न किया जासकता है।

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